Bharat Malhotra
Bharat Malhotra अभी cricketcountry.com की हिंदी टीम का हिस्सा हैं. भारत के पास डिजिटल मीडिया में करीब 17 साल का अनुभव है. साल 2008 में आ ...Read More
Written by Bharat Malhotra
Last Updated on - March 3, 2026 11:52 AM IST

नई दिल्ली: पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (पीसीबी) ने एक अजीबो-गरीब फैसला लिया है. आपने सुना होगा कि खेल बोर्ड अपने खिलाड़ियों को इनाम देते हैं. लेकिन पाकिस्तान तो पाकिस्तान है, वहां कुछ-न-कुछ अलग तो होता ही है. तो पीसीबी ने 50 लाख पाकिस्तानी रुपये का जुर्माना लगाया है और वह भी अपने ही खिलाड़ियों पर. वजह? टीम का खराब प्रदर्शन. अब आपको समझाते हैं कि असल में पूरा मामला क्या है?
असल में भारत और श्रीलंका में टी20 वर्ल्ड कप 2026 खेला जा रहा है. और पाकिस्तान क्रिकेट टीम इसके सेमीफाइनल में नहीं पहुंच पाई है. इसी से नाराज होकर बोर्ड ने अपने खिलाड़ियों पर आर्थिक जुर्माना लगाया है. यह लगातार चौथा आईसीसी टूर्नामेंट- 2023 वनडे वर्ल्ड कप, 2024 टी20 वर्ल्ड कप, 2025 चैंपियंस ट्रॉफी और अब यह टी20 वर्ल्ड कप- है जहां पाकिस्तान की टीम नॉकआउट तक नहीं पहुंच पाई है. और इसे लेकर पाकिस्तान क्रिकेट टीम की खूब आलोचना हो रही है.
अब टी20 वर्ल्ड कप 2026 से जल्दी बाहर होने के बाद बोर्ड ने खिलाड़ियों पर जुर्माना लगाया है कि उनकी टीम सेमीफाइनल में नहीं पहुंच पाई है.
सलमान अली आगा की कप्तानी वाली पाकिस्तानी टीम इस टी20 वर्ल्ड कप के सुपर 8 राउंड में ही बाहर हो गई. अपने आखिरी मैच में उसने पहले 212 रन बनाए. इसके बाद सेमीफाइनल में पहुंचने के लिए जरूरी था कि पाकिस्तान श्रीलंका को 147 या उससे कम के स्कोर पर रोके. इससे उसका नेट रनरेट न्यूजीलैंड से बेहतर हो जाता. और सुपर 8 के ग्रुप 2 से इंग्लैंड के साथ वह सेमीफाइनल के लिए क्वॉलिफाइ करता. हालांकि श्रीलंका की टीम ने जबर्दस्त जबावी बल्लेबाजी की. और 207 रन के स्कोर तक पहुंच गई.
अब पाकिस्तानी टीम के खराब प्रदर्शन के लिए अकसर वहां कि सिस्टम को लेकर सवाल खड़े किए जाते रहे हैं. लेकिन पीसीबी की ओर से उसमें किसी भी तरह के बदलाव की बात नहीं कही गई. उल्टा उसने टीम के हर खिलाड़ी पर 50 लाख पाकिस्तानी रुपये का जुर्माना लगा दिया. भारतीय रुपये में देखें तो यह रकम करीब 16 लाख 40 हजार रुपये बनती है. पाकिस्तानी अखबार एक्सप्रेस ट्रिब्यून की रिपोर्ट कहती है कि यह फैसला पाकिस्तान के टूर्नामेंट से बाहर होने के बाद सामने आया है लेकिन जुर्माना लगाने का फैसला तो 15 फरवरी को ग्रुप स्टेज में भारत से हार के बाद ही ले लिया गया था.
इस रिपोर्ट में सूत्रों के हवाले से कहा गया है कि बोर्ड ने इस बारे में कड़ा फैसला किया है कि आर्थिक इन्सेंटिव और भविष्य में दिए जाने वाले सभी आर्थिक फायदे टीम के प्रदर्शन पर निर्भर करेंगे. पाकिस्तान टीम ने अपने सभी मैच श्रीलंका में खेले, जहां की परिस्थितियां उसके लिए उपयुक्त मानी जा रही थीं.
इस रिपोर्ट में कहा गया, ‘अधिकारियों ने खिलाड़ियों को साफ तौर पर बता दिया है कि लाड़-प्यार बहुत हो गया- अब आर्थिक फायदे सिर्फ प्रदर्शन के साथ ही मिलेंगे.’ हालांकि पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड से इस बारे में आधिकारिक रूप से कुछ नहीं कहा गया है.
पाकिस्तान की टीम ग्रुप स्टेज से सुपर 8 में नीदरलैंड्स और नामीबिया को हराकर पहुंच गई थी. सुपर 8 में उसका पहला मैच न्यूजीलैंड के खिलाफ था. जो बारिश की वजह से धुल गया था. और दोनों टीमों को एक-एक बांटना पड़ा था. इसके बाद उसे इंग्लैंड के हाथों हार मिली. इसके बाद सेमीफाइनल में पहुंचने की पाकिस्तान की उम्मीदें अगर-मगर पर फंस गईं. इंग्लैंड ने न्यूजीलैंड को हराकर पाकिस्तान की उम्मीदों को जिंदा रखा. अब पाकिस्तान के पास मौका था कि वह श्रीलंका को एक तय अंतर से हराए ताकि वह अपना नेट रनरेट न्यूजीलैंड से बेहतर कर ले. पर टीम ऐसा नहीं कर पाई.

पाकिस्तान की इस हार के बाद टीम के कई सीनियर खिलाड़ी जैसे बाबर आजम, कप्तान सलमान अली आगा, और सीनियर खिलाड़ी शादाब खान, शाहीन शाह अफरीदी व मोहम्मद नवाज को काफी आलोचनाओं का सामना करना पड़ा. ऐसी भी खबरें हैं कि आगा को जल्द ही कप्तानी से हाथ धोना पड़ सकता है. हालांकि साहिबजादा फरहान इकलौते बल्लेबाज रहे जिन्होंने प्रभावी प्रदर्शन किया. उन्होंने दो सेंचुरी लगाईं. और 7 मैचों में 76.60 के औसत से 383 रन बनाए.
रिपोर्ट में बताया गया है, PCB ने खिलाड़ियों को चार कैटेगरी (A, B, C, D) में बांटा है. इसमें कहा गया है कि A कैटेगरी के खिलाड़ियों को हर महीने 45 लाख पाकिस्तानी रुपये (PKR) मिलते हैं, साथ ही ICC रेवेन्यू से 20 लाख 7 हजार रुपये का हिस्सा मिलता है.
इसी तरह, B कैटेगरी के खिलाड़ियों को हर महीने 30 लाख पाकिस्तानी रुपये (PKR) और ICC शेयर के तौर पर करीब 15 लाख पाकिस्तानी रुपये मिलते हैं.
C-कैटेगरी के खिलाड़ियों को हर महीने 10 लाख पाकिस्तानी रुपये (PKR) और ICC शेयर के तौर पर 10 लाख पाकिस्तानी रुपये मिलते हैं.
D-कैटेगरी के खिलाड़ी हर महीने 7 लाख 50 हजार पाकिस्तानी रुपये और ICC शेयर के तौर पर 5 लाख 17,500 पाकिस्तानी रुपये कमाते हैं.
इसके अलावा मैच फीस अलग होती है. रिपोर्ट में आगे बताया गया है कि 1 जुलाई, 2025 से 30 जून, 2026 तक चलने वाले साल 2025-2026 के लिए किसी भी खिलाड़ी को A कैटेगरी में नहीं रखा गया है.
टेस्ट की फीस: करीब 12 लाख रुपये पाकिस्तानी रुपये प्रति मैच
वनडे की फीस: करीब 6 लाख पाकिस्तानी रुपये प्रति मैच
टी20 इंटरनेशनल की फीस: करीब 4 लाख पाकिस्तानी रुपये प्रति मैच
इस हिसाब से देखें तो पाकिस्तानी क्रिकेट टीम ने आईसीसी टी20 वर्ल्ड कप 2026 में कुल 7 मैच खेले. तो उनकी मैच फीस करीब 28 लाख पाकिस्तानी रुपये बनेगी. अब अगर आईसीसी वर्ल्ड कप 2026 के प्राइज मनी के हिसाब से लगाएं तो पाकिस्तान को करीब 3.5 करोड़ पाकिस्तानी रुपये सुपर 8 में पहुंचने पर मिल सकते हैं. इसके साथ ही इस साल के आईसीसी रेवेन्यू शेयर में पाकिस्तान को करीब 945 करोड़ पाकिस्तानी रुपये मिलने की उम्मीद है.
भारतीय खिलाड़ियों की बात करें तो टेस्ट मैच खेलने के लिए बीसीसीआई मैच फीस के रूप में 15 लाख भारतीय रुपये देती है. वहीं एक वनडे इंटरनेशनल मैच के लिए 6 लाख और टी20 इंटरनेशनल के लिए तीन लाख भारतीय रुपये मिलते हैं.
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