फाफ डु प्लेसी © Getty Images
फाफ डु प्लेसी © Getty Images

तीन टी-20 मैचों की सीरीज के लिए पाकिस्तान पहुंची वर्ल्ड इलेवन टीम के कप्तान दक्षिण अफ्रीका के फाफ डु प्लेसी ने कहा कि उनकी सुरक्षा व्यवस्था ऐसी चाक चौबंद की गई थी जैसी आमतौर पर राष्ट्रपति के लिए की जाती है। इसे देखने के बाद उन्हें लगा कि जैसे वह किसी फिल्म का हिस्सा हों। पाकिस्तान में लंबे अरसे बाद अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट की वापसी हो रही है। पाकिस्तान अपने घर में वर्ल्ड इलेवन के खिलाफ 12, 13, और 15 सितंबर को तीन टी-20 मैच खेलेगा। यहां पहुंचने के बाद डु प्लेसिस ने वर्ल्ड इलेवन की तरफ से पाकिस्तान में खेलने को लेकर हामी भरने के बारे में बताया।

क्रिकइंफो ने डु प्लेसी के हवाले से लिखा, “जब इस तरह की बातें आपके सामने आती हैं तो जाहिर सी बात है कि आप पुरानी बातों को लेकर सोचते हैं, लेकिन जैसे ही हमने सुरक्षा अधिकारियों से बात की उसके बाद सब सही हो गया। एक खिलाड़ी के तौर पर आप मानसिक शांति चाहते हो और यह उन्होंने हमें दी। वे लोग इस बात को लेकर आश्वस्त थे कि सब कुछ समान्य रूप से होगा और किसी तरह की दिक्कत नहीं आएगी। जैसे ही हम विमान में बैठे डर खत्म हो चुका था। हम सिर्फ यहां पहुंचना चाहते थे और विश्व क्रिकेट में एक अच्छे बदलाव का अनुभव करना चाहते थे। पिछले 24 घंटे काफी अजीब थे, क्योंकि हम उन चीजों को लेकर उत्साहित थे जिन्हें लेकर एक खिलाड़ी होते हुए आप आमतौर पर नहीं होते हैं।” [ये भी पढ़ें: देखिए वो ट्रॉफी, जिसे जीतने के लिए एड़ी-चोटी का जोर लगाएंगे पाकिस्तान और वर्ल्ड इलेवन]

डु प्लेसी ने कहा कि वह इस बात से खुश हैं कि भविष्य में वह अपने आप को एक ऐसे शख्स के रूप में देखेंगे जिसने पाकिस्तान में अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट वापसी के लिए कदम उठाया। उन्होंने कहा, “एक कप्तान के तौर पर आप हमेशा ही अपना प्रभाव छोड़ना चाहते हैं। जब कोच एंडी फ्लॉवर का मेरे पास फोन आया और उन्होंने मुझसे कहा कि वह मुझे वर्ल्ड इलेवन का कप्तान देखना चाहते हैं तो मैंने सोचा मेरे लिए यह अच्छा मौका है।” द.अफ्रीका क्रिकेट टीम करेगी पाकिस्तान का दौरा ?

दक्षिण अफ्रीका के नए वनडे कप्तान ने कहा, “भविष्य में जब मैं अपने परिवार के साथ बैठूंगा तो इसे याद रखूंगा और कह सकूंगा कि मेरे लिए इसका हिस्सा बनना बेहद सम्मान की बात थी। मैं कह सकूंगा कि मैंने पाकिस्तान में अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट की बहाली में अपना योगदान दिया है।” 2009 में पाकिस्तान दौरे पर आई श्रीलंका क्रिकेट टीम की बस पर आतंकवादियों ने हमला कर दिया था। इस घटना के बाद सभी देशों ने पाकिस्तान में क्रिकेट खेलने से मना कर दिया था। इसी कारण पाकिस्तान को यूएई को अपना घर बनाना पड़ा था।