Faf Du Plessis: Brexit will end Kolpak system and boost South African cricket
फाफ डु प्लेसिस © Getty Images

ब्रिटेन के यूरोपियन संघ से अलग होने (BREXIT) से दक्षिण अफ्रीका टीम को फायदा होगा, ऐसा मानना है टीम के कप्तान फाफ डु प्लेसिस का। भारत के खिलाफ 0-3 से टेस्ट सीरीज हार चुकी दक्षिण अफ्रीकी टीम के परेशानी की सबसे बड़ी वजह है प्रमुख खिलाड़ियों का कोलकैप डील साइन कर इंग्लिश काउंटी टीमों में खेलने चले जाना। लेकिन ब्रेक्सिट के बाद ये प्रणाली प्रभावी तौर पर खत्म हो जाएगी।

यूरोपीय संघ से ब्रिटेन के अलग होने के बाद किसी भी तरह के कठोर प्रवासी नियंत्रण का नतीजा होगा दक्षिण अफ्रीकी खिलाड़ियों के लिए कम से कम काउंटी डील। 2003 के बाद से दुनिया भर के देशों के 60 से अधिक खिलाड़ियों ने यूरोपीय संघ के निवासी नियमों का लाभ उठाया है ताकि वो काउंटी टीमों में ‘स्थानीय खिलाड़ी’ की तरह शामिल हो सकें। कोलपैक डील साइन करने की वजह से वो अपने घरेलू देशों के लिए नहीं खेल सकते थे।

डु प्लेसिस, जो कि खुद इस सिस्टम के तहत इंग्लैंड में खेल चुके हैं, उन्होंने ऑफ-स्पिनर साइमन हार्मर के मामले को सामने रखा, जिन्होंने पिछले दो सालों में एसेक्स के लिए प्रदर्शन किया है, लेकिन 2015 के बाद से दक्षिण अफ्रीका में नहीं खेले हैं।

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कप्तान ने कहा, “ये दुख की बात है कि दक्षिण अफ्रीका के पास अपने सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी चुनने का विकल्प नहीं है। साइमन हार्मर का ये सीजन शानदार रहा है और ये दक्षिण अफ्रीका के लिए अच्छा होगा अगर वो कुछ दौरों पर जा सका। उसने विदेशों में अच्छा प्रदर्शन किया है। हम उसे अपने साथ दौरों पर ले जाते हैं, इसलिए शायद ब्रेक्सिट के बाद लड़के इंग्लैंड जाकर खेलेंगे लेकिन हम उन्हें अपनी राष्ट्रीय टीम में भी चुन पाएंगे।”