fans unhappy after penalty shoot out controversy in india vs australia women hockey semifinal match in cwg

‘यह सरासर बेईमानी है।’, शुक्रवार को भारतीय महिला हॉकी टीम की ऑस्ट्रेलिया से हार के बाद अंपायरिंग पर लोगों का गुस्सा फूट पड़ा। सोशल मीडिया पर लोगों ने जमकर इस मैच के अंपायर्स पर अपनी नाराजगी जाहिर की।

5 अगस्त को कॉमनवेल्थ गेम्स के सेमीफाइनल मुकाबले में भारत को पेनल्टी शूटआउट में 0-3 से हार का सामना करना पड़ा। लेकिन भारतीय फैंस को लगता है कि अंपायरों की गलती की वजह से भारतीय टीम फाइनल में पहुंचने से महरूम रह गई।

भारत ने तीनों पेनल्टी शूटआउट मिस किए। लेकिन इस पूरे प्रकरण की शुरुआत एक बदकिस्मती के साथ हुई। ऑस्ट्रेलिया की मेलॉन अपने पहले प्रयास में गोल करने में असफल रहीं। गोलकीपर सविता पूनिया ने कमाल का बचाव किया। इसके बाद भारतीय स्ट्राइकर लालरेम्सियामी पेनल्टी शूटआउट के लिए तैयार होती हैं। लेकिन उन्हें आकर रोक देती हैं।

वजह, घड़ी अभी रुकी नहीं। यह फैसला न सिर्फ हैरान करने वाला था, बल्कि दिल तोड़ने वाला। कॉमनवेल्थ गेम्स जैसे बड़े आयोजन में यह बदइंतजामी की हद कही जा सकती है। इसके बाद ऑस्ट्रेलिया को दूसरा मौका दिया गया। और यहां वह गोल करने में सफल रही। बाद के दोनों ऑस्ट्रेलियन स्ट्राइकर्स ने भी गोल किया।

भारतीय कोच जेनेके शॉपमैन भी काफी निराश नजर आईं। उन्होंने कहा, ‘मुझे कुछ समझ नहीं आया। ऑस्ट्रेलियाई टीम ने कोई शिकायत नहीं दर्ज करवाई थी… मुझे नहीं लगता कि अधिकारियों को भी पता होगा कि यह ड्रामा हुआ… यह कोई बहाना नहीं है लेकिन बेशक, इससे हमें कोई फायदा नहीं हुआ।’

इसके बाद सोशल मीडिया पर भारतीय फैंस का गुस्सा भड़क गया। फैंस कहने लगे कि इंटरनैशनल हॉकी फेडरेशन ने भारत से गोल्ड मेडल छीन लिया है। उनका कहना था कि इतने बड़े आयोजन में इस तरह की बदइंतजामी वाकई परेशान करने वाली है।