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विवादित ट्वीट: ऑली रॉबिन्सन का बचाव करने पर PM बोरिस जॉनसन पर भड़के फारुख इंजीनियर

भारत के पूर्व दिग्गज क्रिकेटर फारुख इंजीनियर ने ऑली रॉबिन्सन का बचाव करने पर बोरिस जॉनसन की कड़ी आलोचना की है.

Edited By : India.com Staff |Jun 09, 2021, 11:18 AM IST

Published On Jun 09, 2021, 11:18 AM IST

Last UpdatedJun 09, 2021, 11:18 AM IST

पुराने नस्लीय ट्वीट्स के मामले में इंग्लैंड के युवा ऑलराउंडर ऑली रॉबिन्सन (Ollie Robinson) इससे बाहर निकलते नजर नहीं आ रहे हैं. हालांकि उन्हें अपने देश के प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन (Boris Johnson) से इस कॉमेंट से राहत मिली थी कि वह तब बहुत छोटे थे और ऐसे में उनकी पुरानी गलती के लिए इतनी बड़ी सजा नहीं मिलनी चाहिए. लेकिन क्रिकेट बिरादरी में उन्हें पूरा समर्थन नहीं मिल रहा है. भारत के पूर्व दिग्गज क्रिकेटर फारुख इंजीनियर (Farokh Engineer) ने भी ब्रिटिश प्रधानमंत्री की आलोचना की है. उन्होंने कहा कि इस खिलाड़ी से गलती हुई है और उन्हें इसकी सजा भुगतनी ही होगी.

ईसीबी ने इस मामले में एक जांस समिति बिठा दी है और तब तक इस खिलाड़ी को इंटरनेशनल क्रिकेट से निलंबित कर दिया है. 27 वर्षीय इस ऑलराउंडर ने हाल ही में न्यूजीलैंड के खिलाफ अपना टेस्ट डेब्यू किया था. डेब्यू के बाद से ही उनके ये करीब एक दशक पुराने ट्वीट सोशल मीडिया पर वायरल होने लगे. इसके बाद टेस्ट मैच खत्म होते ही ईसीबी ने उन्हें निलंबित कर दिया और उनके ट्वीट्स की जांच के लिए एक समिति बना दी. अपने टेस्ट में रॉबिन्सन ने 7 विकेट और 42 रन का योगदान दिया था. लेकिन उनके इस बेहतरीन प्रदर्शन को इस विवाद ने पीछे धकेल दिया.

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इंग्लिश काउंटी लंकशर के लिए लंबे समय तक खेल चुके इंजीनियर ने कहा कि इस खिलाड़ी से गलती हुई है और उन्हें इसकी सजा भुगतनी होगी. उन्होंने अंग्रेजी दैनिक इंडियन एक्सप्रेस से बात करते हुए कहा, ‘मैंने अखबारों में बॉरिस जॉनसन के बारे में पढ़ा है. मुझे लगता है कि वह पूरी तरह बेवकूफी है कि एक प्रधानमंत्री ऐसे मामलों में बयान दे रहे हैं. उस साथी (रॉबिन्सन) को सजा देकर ईसीबी ने सही किया है. उसने एक गलती की थी और उसे इसकी सजा मिलनी चाहिए. यह निराश करने वाला है.’

इंजीनियर ने कहा, ‘यह सचमुच शर्म की बात है. जब आप कहते हैं कि तब वह किशोर था. जबकि वह 18 साल (जब ट्वीट किया) का था. यह वह उम्र है, जो एक व्यक्ति खुद जिम्मेदार होता है. अगर वह इन चीजों में आगे जाते तो चीजें और भी खराब होतीं.’ उन्होंने कहा कि अगर इस पर सख्त एक्शन नहीं लिया जाता है तो लोग एशियाई मूल के लोगों के खिलाफ ऐसी बातें करते ही रहेंगे.

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