अक्षर पटेल © Getty Images
अक्षर पटेल © Getty Images

चेन्नई टेस्ट के शुरू होने से पहले भारतीय टीम में इमरजेंसी आ गई थी। टेस्ट मैच की शाम को उन्हें  पता चला कि उनका मुख्य गेंदबाज  रविंद्र जडेजा अच्छा महसूस नहीं कर रहे हैं और ऐसी परिस्थिति के लिए टीम इंडिया में बैक- अप भी मौजूद नहीं था। ऐसे में 15 दिसंबर को भारतीय टीम प्रबंधन ने एक अन्य लेफ्ट आर्म स्पिनर अक्षर पटेल को चेन्नई टेस्ट में भेजने के लिए निश्चय किया। इस  संबंध में बीसीसीआई ने आधिकारिक घोषाणा नहीं की थी और न ही बीसीसीआई ने इस संबंध में मीडिया से कोई चर्चा की थी। लेकिन जब अक्षर मैदान पर एक सब्सटीट्यूट फील्डर के रूप में नजर आए तब पता चला कि जडेजा को निगल की समस्या थी और इसलिए उन्हें  सब्सटीट्यूट स्पिनर के रूप में टीम में शमिल किया गया। मैच की शाम को कराए गए फिटनेस टेस्ट में अंततः जडेजा फिट हो गए और उन्हें मैच खेलने का मौका मिला। अक्षर को टीम में एक छोटे नोटिस के आधार पर सब्सटीट्यूट खिलाड़ी के रूप में शामिल किया जाना था। अंततः उनकी टीम में जगह तो नहीं बनी लेकिन वह खेल पहले दो दिन सब्सटीट्यूट खिलाड़ी के रूप में फील्डिंग करते जरूर नजर आए। भारत बनाम इंग्लैंड पांचवां टेस्ट: तीसरे दिन का लाइव ब्लॉग पढ़ने के लिए क्लिक करें

अक्षर पूर्व में भारतीय वनडे टीम के सदस्य रहे हैं लेकिन जडेजा के टीम में रहते हुए वे अपना स्थान नहीं बना पाए। उनका अभी टीम इंडिया के लिए टेस्ट डेब्यू करना बाकी है। लेकिन जिस तरह की फॉर्म में वह आजकल हैं उससे ये कतई नहीं लगता कि उन्हें आने वाले दिनों में भी मौका मिलेगा। जडेजा का निगल पूरी तरह से ठीक हो गया है और उन्होंने मैच के दोनों दिन लंबे स्पेल तक गेंदबाजी की। अब तक वह भारतीय टीम की ओर से इस मैच में सर्वाधिक विकेट विकेट लेने वाले गेंदबाज हैं। उन्होंने पहली पारी में तीन विकेट लिए।