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Fit India Dialogue: PM मोदी ने विराट कोहली से पूछा, क्या आप को भी YO-YO टेस्ट से गुजरना पड़ता है, जानें टीम इंडिया के कप्तान ने क्या जवाब दिया
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ‘फिट इंडिया मूवमेंट’ की पहली वर्षगांठ के मौके पर फिटनेस के प्रति जागरुक हस्तियों और विशेषज्ञों से बातचीत की
Published On Sep 24, 2020, 03:36 PM IST
Last UpdatedSep 24, 2020, 03:36 PM IST
Fit India Dialogue:भारतीय क्रिकेट टीम के कप्तान विराट कोहली (Virat Kohli) वर्ल्ड के सबसे फिट क्रिकेटर्स में शुमार हैं. कोहली अपनी फिटनेस के प्रति काफी सजग हैं. इस समय टीम इंडिया का ये कप्तान यूएई में इंडियन प्रीमियर लीग (IPL 2020) के 13वें एडिशन में रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर की ओर से खेल रहा है.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) ने ‘फिट इंडिया मूवमेंट’ की पहली वर्षगांठ के मौके पर फिटनेस के प्रति जागरुक हस्तियों और विशेषज्ञों से बातचीत की. इस दौरान पीएम ने कोहली से से ‘यो यो टेस्ट’ के बारे में जानकारी ली और यह भी पूछा कि कप्तान को भी टेस्ट देना पड़ता है या छूट है.
मोदी ने अनिवार्य फिटनेस दिनचर्या के बारे में पूछा तो भारत के सबसे फिट क्रिकेटरों में शुमार कोहली ने बताया कि कैसे ‘यो यो टेस्ट ’ ने भारतीय क्रिकेटरों को उच्च स्तर पर फिटनेस हासिल करने में मदद की है.
‘मैंने सुना है कि आजकल टीम में यो यो टेस्ट होता है , यह क्या है’
मोदी ‘यो यो टेस्ट’ के बारे में जानना चाहते थे और उन्होंने कोहली से यह भी पूछा कि उन्हें भी इससे गुजरना पड़ता है या छूट है. मोदी ने कहा , ‘मैंने सुना है कि आजकल टीम में यो यो टेस्ट होता है , यह क्या है . ’
कोहली ने मुस्कुराकर जवाब दिया ,‘फिटनेस के नजरिये से यह काफी अहम टेस्ट है. हम फिटनेस के वैश्विक स्तर की बात करें तो अभी दूसरी टीमों से हम पीछे हैं और हमें यह स्तर बेहतर करना है. ’
ये है YO-YO Test
इस टेस्ट में खिलाड़ी को दो कोन के बीच लगातार भागना होता है जो 20 मीटर की दूरी पर रहते हैं. जब सॉफ्टवेयर पहली बीप देता है तो खिलाड़ी एक कोन से दूसरे कोन की तरफ भागता है . जब खिलाड़ी दूसरे कोन पर पहुंचता है तो दूसरी बीप सुनाई देती है . इस तरह समय दर्ज होता रहता है और आखिर में फिटनेस स्कोर के माध्यम से सॉफ्टवेयर बताता है कि खिलाड़ी फिट है या नहीं.
दुनिया भर में फुटबॉल, हॉकी और अब क्रिकेट में भी इसका इस्तेमाल किया जा रहा है. ऑस्ट्रेलिया ने क्रिकेट में इसकी शुरुआत की और अब दुनिया भी लगभग सभी क्रिकेट टीमें इसका इस्तेमाल कर रहीं हैं.