पूर्व भारतीय ट्रेनर ने कहा, अगर खेलने का मौका नहीं मिला तो फिटनेस गतिविधियां समय की बर्बादी

कोविड-19 महामारी की वजह से दुनिया भर की खेल प्रतियोगिताएं स्थगित की जा चुकी हैं।

Edited By : India.com Staff |Apr 27, 2020, 03:00 PM IST

Published On Apr 27, 2020, 03:00 PM IST

Last UpdatedApr 27, 2020, 03:00 PM IST

भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व ट्रेनर रामजी श्रीनिवासन का मानना है कि शीर्ष एथलीट अगर कोविड-19 के कारण खेल नहीं खेल सकते हैं तो फिर उनकी फिटनेस का कोई मतलब नहीं रह जाता है।

रामजी ने पीटीआई-भाषा से कहा, ‘‘खेलों में फिटनेस के बारे में कहा जाता है कि अगर शीर्ष स्तर के प्रदर्शन के लिए आप उसका इस्तेमाल मैदान पर नहीं करते तो वो समय की बर्बादी है। एक से दूसरे में सकारात्मक स्थानान्तरण फिटनेस की कुंजी है।’’

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उन्होंने कहा, ‘‘एक खिलाड़ी एक समय में ओलंपिक में 100 किग्रा भार उठा सकता है लेकिन अगर वो अपनी फिटनेस को प्रदर्शन में नहीं बदलता है तो उसके चोटमुक्त रहने या प्रदर्शन में सुधार की कोई गारंटी नहीं है।’’

रामजी से पूछा गया कि क्या गेंदबाजों के लिए लंबी अवधि का विश्राम मुश्किल हो सकता है, उन्होंने कहा, ‘‘हां निश्चित तौर पर। गेंदबाजी लय और कौशल आधारित फिटनेस से जुड़ी है। कौशल आधारित फिटनेस निश्चित तौर पर प्रभावित होने वाली है।

उन्होंने कहा, ‘‘ये उनके लिए परीक्षा की घड़ी है क्योंकि उन्हें टूर्नामेंट शुरू होने से पहले निर्धारित लक्ष्य हासिल करने के लिये मानसिक और शारीरिक दोनों स्तरों पर काम करना है। खेल में निखार लाने के लिए अभ्यास जरूरी है लेकिन अभी उन्हें फिटनेस पर ध्यान देना होगा जो कि अच्छे प्रदर्शन के लिये बेहद जरूरी है।’’

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