मनोज तिवारी © PTI
मनोज तिवारी © PTI

रणजी ट्रॉफी में बंगाल के कप्तान मनोज तिवारी का मानना है कि वो प्रज्ञान ओझा विवाद के बारे में कुछ नहीं सोच रहे हैं और उनका ध्यान सिर्फ अपनी टीम के प्रदर्शन पर है। तिवारी ने कहा, ”देखिए पिछले कुछ समय से मैं प्रज्ञान ओझा के संपर्क में नहीं हूं। मेरे पास कोई जानकारी नहीं है कि वो क्या कर रहे हैं। साथ ही सेलेक्शन के मामले मेरे दायरे में नहीं हैं। मेरे पास इसके अलावा भी कई सारे काम हैं। मेरा ध्यान सिर्फ इस बात पर है कि हम मैच में किस रणनीति से उतरेंगे।’’ ये भी पढ़ें: टी20 सीरीज से पहले मोइसेस हेनरीके ने भरी हुंकार, कहा- टी20 में देंगे अपना बेस्ट

जब तिवारी से ये पूछा गया कि क्या कैब ओझा को रिलीज कर सकता है, इसपर तिवारी ने कहा, ‘‘आप गलत व्यक्ति से सवाल पूछ रहे हैं। इसका फैसला करना मेरे हाथ में नहीं है। मेरी जिम्मेदारी टीम के लिए अच्छा खेलना और टीम को ट्रॉफी जितवाना है। ओझा के मामले में मुझे कुछ नहीं पता। इसलिए मैं इस मामले पर कुछ भी नहीं कहना चाहूंगा। मेरा पूरा ध्यान इस समय सिर्फ मैच पर है।’’

आपको बता दें कि ओझा ने बंगाल से एनओसी मांगा था। ओझा अपनी घरेलू टीम (हैदराबाद) वापस लौटना चाहते थे लेकिन कैब अध्यक्ष सौरव गांगुली ने ऐसा करने से इनकार कर दिया। इससे ओझा नाराज हो गए और ना तो वो बंगाल के प्रैक्टिस सेशन में पहुंचे और ना ही चयनकर्ताओं से संपर्क करने की कोशिश की। तिवारी ने इस मामले पर कुछ भी कहने से इनकार कर दिया और कहा कि उनका पूरा ध्यान सिर्फ मैच पर है।