पूर्व भारतीय कप्तान महेंद्र सिंह धोनी के संन्यास के खबरों के बीच टीम इंडिया के सामने सबसे बड़ा सवाल है विकेटकीपर बल्लेबाज की नियुक्ति। भारतीय टीम के पास ऋद्धिमान साहा से लेकर रिषभ पंत तक कई विकल्प हैं लेकिन कोई भी खिलाड़ी धोनी की जगह लेने में कामयाब नहीं हो पाया है।

अब ऑस्ट्रेलिया के पूर्व ऑलराउंडर ब्रैड हॉग ने टेस्ट, वनडे और टी20 फॉर्मेट में भारत के लिए विकेटकीपर बल्लेबाज चुना है। हॉग ने अपने व्लॉग में बताया है कि वो किस खिलाड़ी को किस फॉर्मेट के लिए बतौर विकेटकीपर बल्लेबाज चुनेंगे और क्यों।

पूर्व क्रिकेटर ने कहा, “पहले ये देखें कि बेहतर कीपर कौन है। सबसे पहले हमें साहा की तरफ जाना होगा क्योंकि वो सर्वश्रेष्ठ है। क्यों? क्योंकि वो शांत रहता है। जब गेंद आती है, वो आखिर क्षण तक नहीं हिलता, वो हल्के हाथों से गेंद की तरफ बढ़ता और उसके पैर फुर्तीले हैं, जिस वजह से वो लेग साइड की तरफ तेज है और स्टंपिंग कर पाता है। इसके पास पहुंच है और स्टंपिंग करने के लिए तेज हाथ हैं। और जब वो स्टंप्स के पास खड़ा होता है तो बल्ले के किनारे से लगे कैच आसानी से पकड़ लेते हैं।”

उन्होंने कहा, “केएल राहुल ने दिखाया है कि वो सीमित ओवर फॉर्मेट में विकेटकीपिंग कर सकते हैं। साहा की तरह वो भी तेज हैं। लेकिन उनकी हाइट की वजह से वो लेग साइड की तरफ थोड़ा धीमा है। पंत थोड़ा साधारण है। उसके हाथ कड़े है और वो बाकी दोनों के मुकाबले गेंद की तरफ ज्यादा लपकता है।”

हॉग ने कहा, “इसलिए तीनों फॉर्मेट में कौन आदर्श विकेटकीपर है? टेस्ट में मैं केएल राहुल से विकेटकीपिंग नहीं कराउंगा क्योंकि वो प्रथम श्रेणी क्रिकेट में खास नहीं खेला है। इससे उसकी बल्लेबाजी पर दबाव आएगा, मुझे ये डर होगा कि अतिरिक्त वर्कलोड की वजह से उसकी बल्लेबाजी खराब हो जाएगी। इसलिए आपको साहा या पंत में से किसी एक को चुनना होगा।”

पूर्व क्रिकेटर ने कहा कि वो पंत को टेस्ट टीम में विकेटकीपर के तौर पर चुनेंगे क्योंकि उनकी बल्लेबाज शैली आक्रामक है। उन्होंने कहा, “पंत की बल्लेबाजी साहा के मुकाबले ज्यादा आक्रामक है। अगर आप भारत के शीर्ष बल्लेबाजी क्रम को देखें तो उनके शीर्ष पांच बल्लेबाज सारा भार उठाते हैं। नंबर सात से आपको चाहिए कि वो तेजी से रन बनाए और खेल को आगे बढ़ाए और गेंदबाजों को 20 विकेट निकालने के लिए समय दे, जो कि टेस्ट मैच की जरूरत है। इसलिए मेरे लिए, अगर पंक एक-दो स्टंपिंग छोड़ देता है जो कि साहा पकड़ सकता था, साहा के मुकाबले वो टीम को बेहतर स्थिति में पहुंचा सकता है और मैच जिता सकता है।”

वहीं सीमित ओवर फॉर्मेट के लिए हॉग ने राहुल को अपनी पहली पसंद बताया। उन्होंने कहा, “वाइट गेंद फॉर्मेट में, आप सोचेंगे कि पंत की आक्रामक बल्लेबाजी की वजह से मैं उसे चुनूंगा, लेकिन नहीं। मैं उसे नहीं चुनूंगा, साहा को भी नहीं क्योंकि उसके पास स्ट्राइक रेट नहीं है और वो पास पंत या राहुल की तरह तेजी से रन नहीं बना सकता है। इसलिए मैं राहुल के साथ जाउंगा।”