पूर्व क्रिकेटर अल्विरो पीटरसन (Alviro Pietersen) दक्षिण अफ्रीकी खिलाड़ियों के लगातार टेस्ट शतक ना लगाने से परेशान हैं। उन्होंने आगे कहा कि दक्षिण अफ्रीका के बल्लेबाजों को अपनी मानसिकता बदलने के साथ बड़े शतकों को लक्ष्य के रूप में रखना चाहिए। दक्षिण अफ्रीका सेंचुरियन में भारत से पहला टेस्ट 113 रनों से हार गया और सोमवार से शुरू होने वाले वांडर्स में दूसरे मैच से पहले सीरीज में 1-0 से पीछे है।

पीटरसन ने टाइम्स लाइव के हवाले से कहा, “अगर आप इस समय दक्षिण अफ्रीका के बल्लेबाजी क्रम को देखते हैं, तो मैं हमेशा शतक लगाने वाले खिलाड़ियों को देखता हूं। मैं घरेलू क्रिकेट को देखते हुए पूछता हूं कि वे कितनी बार शतक बनाए हैं, क्योंकि यही मापदंड है जब टेस्ट क्रिकेट की बात आती है। आपको लंबे समय तक अच्छी बल्लेबाजी करने वाले खिलाड़ियों की जरूरत होती है।”

सुपरस्पोर्ट पार्क में सीरीज के पहले मैच में भारत के पास केएल राहुल के रूप में एक खिलाड़ी शतक बनाने वाला था, जिन्होंने पहली पारी में 123 रन बनाए। दूसरी ओर, दक्षिण अफ्रीका के पास शतक बनाने वाला कोई बल्लेबाज नहीं था। 2021 के बाद से दक्षिण अफ्रीका के आखिरी तीन शतक एडेन मार्करम (पाकिस्तान के खिलाफ 108), डीन एल्गर (श्रीलंका के खिलाफ 127) और हाल ही में संन्यास ले चुके क्विंटन डी कॉक (वेस्टइंडीज के खिलाफ नाबाद 141) रहे हैं।

36 टेस्ट में पांच शतकों सहित 2,093 रन बनाने वाले पीटरसन ने कहा, “अगर आप पिछले कुछ सालों को देखें तो ऐसे खिलाड़ी थे, जिनके पास प्रथम श्रेणी में बहुत सारे शतक थे, लेकिन इस समय आप राष्ट्रीय टीम में ऐसा नहीं देखते हैं।”

41 साल के पूर्व खिलाड़ी ने इस बात का उदाहरण दिया कि कैसे राहुल के शतक से पहले टेस्ट में दोनों टीमों के बीच का अंतर था। जो चीज आपको 150 और 200 जैसे बड़े स्कोर से जीत दिलाएगी, वो छोटे स्कोर से नहीं। भारत के खिलाफ बॉक्सिंग डे टेस्ट में केएल राहुल ने 123 रन बनाकर अपनी टीम को पहली पारी में एक ठोस बढ़त दिलाने के लिए शानदार प्रदर्शन किया।