Former ICC Elite Panel umpire Ian Gould says Australia were ‘out of control’ before ball-tampering
कैमरून बैनक्रॉफ्ट, स्टीव स्मिथ © Getty Images

आईसीसी एलीट पैनल के पूर्व अंपायर इयान गाउल्ड का कहना है कि ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेटर बॉल टैंपरिंग मामले से दो तीन साल पहले ही नियंत्रण से बाहर चले गए थे। इस सीनियर अंपायर ने इंग्लैंड में हुए वनडे विश्व कप के बाद अंपायरिंग से संन्यास ले लिया।

बता दें कि गाउल्ड सितंबर 2018 में ऑस्ट्रेलिया और दक्षिण अफ्रीका के बीच हुए न्यूलैंड्स टेस्ट में टीवी अंपायर थे, जहां गेंद से छेड़छाड़ की घटना हुई थी। गाउल्ड ने ही टीवी पर देखने के बाद मैदानी अंपायरों को बताया था कि कैमरून बैनक्राफ्ट ने सैंडपेपर का इस्तेमाल कर उस अपनी पैंट में रख रहे हैं।

गाउल्ड ने अपनी आत्मकथा ‘गनर माइ लाइफ इन क्रिकेट’ के प्रचार के तहत ‘डेली टेलीग्राफ’ से कहा, ‘‘अगर आप पीछे मुड़कर देखो तो ऑस्ट्रेलिया दो साल और संभवत: तीन साल पहले ही नियंत्रण से बाहर चला गया है लेकिन इस (गेंद से छेड़छाड़) मामले में नहीं। उनका व्यवहार बेहद औसत इंसान के जैसा था।’’

न्यूलैंड्स टेस्ट मैच का प्रभाव काफी पड़ा था। क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया ने मामले में शामिल होने के लिए तत्कालीन कप्तान स्टीव स्मिथ और उप कप्तान डेविड वार्नर पर एक साल का जबकि बैनक्राफ्ट पर नौ महीने का बैन लगाया था। इसके बाद ही दुनिया भर में ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेट कल्चर समीक्षा शुरू हुई थी।

गाउल्ड ने कहा, ‘‘मुझे पता नहीं था कि इसके क्या परिणाम निकलेंगे। जब मुझे इस बारे में पता चला तो मुझे विश्वास नहीं था कि ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री भी इन तीनों खिलाड़ियों को लेकर अपनी कड़ी प्रतिक्रिया देंगे। मैं केवल यही सोच रहा था कि मैं कैसे बिना शोर-शराबा के कैसे खिलाड़ी के पास से उसे (सैंडपेपर) निकलवा सकूं।’’

गेंद से छेड़छाड़ आईसीसी आचार संहिता के तहत लेवल दो अपराध की श्रेणी में आता था लेकिन इस घटना के बाद इसे लेवल तीन श्रेणी में रख दिया गया जिसके लिए छह टेस्ट या 12 वनडे तक का बैन लग सकता है।

ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेट के लिए फायदेमंद साबित हुई बॉल टैंपरिंग घटना

गाउल्ड ने कहा कि उन्होंने टीवी पर जो कुछ देखा उससे उन्हें अपनी आंखों पर विश्वास नहीं हुआ लेकिन कहा कि ये खेल विशेषकर ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेट के लिए अच्छा हुआ।

उन्होंने कहा, ‘‘जब डायरेक्टर ने कहा, ‘वो अपनी पैंट में कुछ रख रहा है तो मैं सतर्क हो गया क्योंकि वो अच्छी बात नहीं थी। निश्चित तौर पर जो कुछ भी हुआ वो क्रिकेट खासकर ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेट की बेहतरी के लिए अच्छा हुआ।’’

न्यूलैंड्स टेस्ट में इस्तेमाल की गई गेंद पर नहीं हुआ था सैंडपेपर का इस्तेमाल

गाउल्ड ने कहा कि उनके पास अब भी वो गेंद है जो न्यूलैंड्स टेस्ट में उपयोग की गई थी। उन्होंने कहा, ‘‘अगर आप गेंद को देखोगे तो आपको ये पूरा मामला गलत लगेगा क्योंकि गेंद पर सैंडपेपर का उपयोग नहीं किया गया था।वो गेंद को पुराना करने की कोशिश कर रहे थे। एक बार जब गेंद का एक साइड बड़ा और चमकदार हो जाता, फिर वो सैंडपेपर का इस्तेमाल करते।”