India vs New Zealand Test: भारतीय टीम के मेन्यू में ‘हलाल’ मांस की सिफारिश के बाद विवाद काफी बढ़ गया. आलम ये रहा कि BCCI के कोषाध्यक्ष अरुण कुमार धूमल (Arun Kumar Dhumal) को इस पूरे मामले में सफाई तक देनी पड़ी. अरुण धूमल ने साफ कहा कि खिलाड़ियों को भोजन के चयन की पूरी स्वतंत्रता है. धूमल के मुताबिक कथित डाइट प्लान पर कभी चर्चा नहीं हुई और ना ही इसे लागू किया जाएगा. धूमल ने साफतौर पर कहा, “खिलाड़ी या टीम स्टाफ को क्या खाना चाहिए और क्या नहीं, इस बारे में बोर्ड की ओर से कभी भी कोई निर्देश नहीं दिए गए.”

‘भाषा’ से भारतीय टीम के एक पूर्व क्रिकेटर ने कहा कि सूअर का मांस और गौमांस को भोजन सामग्री में शामिल नहीं करना आश्चर्यजनक नहीं हैं लेकिन इस बारे में कभी लिखित निर्देश नहीं दिए गए.

इस क्रिकेटर ने गोपनीयता की शर्त पर पीटीआई से कहा, ‘‘जब मैं टीम में था तो मैच के दिनों में कभी ड्रेसिंग रूम में गौमांस या सूअर का मांस नहीं भेजा गया. भारत में तो कम से कम कभी नहीं. इसलिए मुझे नहीं लगता कि लिखित निर्देश देने के अलावा इसमें कुछ भी नया है.’’

उन्होंने कहा, ‘‘इससे पहले कि कोई इसका कुछ अर्थ लगाए, क्रिकेटरों को कभी गौमांस खाने की सलाह नहीं दी जाती है क्योंकि इसमें बकरे के मांस की तरह काफी मात्रा में वसा होती है. हमें हमेशा कम प्रोटीनयुक्त भोजन करने की सलाह दी जाती रही जैसा कि मुर्गे के मांस या मछली में होता है.’’

बता दें कि भारत-न्यूजीलैंड के बीच 25 नवंबर से दो मैचों की टेस्ट सीरीज शुरू होने जा रही है, जिससे पहले इस विवाद ने काफी तूल पकड़ लिया. यहां तक कि भारतीय जनता पार्टी (BJP) के प्रवक्ता और एडवोकेट गौरव गोयल भी इस मामले में कूद पड़े हैं.