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दादा की सुरक्षा में बड़ा फेरबदल, Z सुरक्षा हटाई गई

भारतीय टीम के पूर्व कप्तान और दिग्गज बल्लेबाज रहे सौरव गांगुली को लेकर बड़ी खबर सामने आ रही है. दादा की सुरक्षा में बड़ा बदलाव किया गया है.

Edited By : Saurav Kumar |Jun 03, 2026, 03:05 PM IST

Published On Jun 03, 2026, 03:05 PM IST

Last UpdatedJun 03, 2026, 03:05 PM IST

भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान, भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) के पूर्व अध्यक्ष और क्रिकेट एसोसिएशन ऑफ बंगाल (कैब) के मौजूदा अध्यक्ष सौरव गांगुली की सुरक्षा घटा दी गई है. गांगुली को अब ‘जेड श्रेणी’ की जगह ‘वाई श्रेणी’ की सुरक्षा मिलेगी.

पश्चिम बंगाल की नवनियुक्त भाजपा सरकार ने पूर्व भारतीय कप्तान की सुरक्षा को कम करने का फैसला लिया है. राज्य सरकार ने यह फैसला राज्य की सुरक्षा ईकाइयों द्वारा सौरव गांगुली की सुरक्षा का विश्लेषण करने के बाद लिया है. गांगुली की सुरक्षा कम करते हुए वाई श्रेणी की कर दी गई है.

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दादा की कम की गई सुरक्षा

राज्य के नए सुरक्षा प्रोटोकॉल के तहत, गांगुली की मौजूदा सुरक्षा विश्लेषण के मुताबिक उन्हें ‘जेड’ श्रेणी की सुरक्षा की जरूरत नहीं है. इसी वजह से उनकी सुरक्षा को कम करते हुए वाई श्रेणी में तब्दील कर दी गई है. राज्य के अधिकारियों ने साफ किया कि पूर्व कप्तान की सुरक्षा में कमी राज्य भर में वीआईपी सुरक्षा के पुनरीक्षण के बाद लिया गया फैसला है. 2023 में उनकी सुरक्षा को वाई श्रेणी से जेड श्रेणी में बदला गया था.

सौरव गांगुली का नाम उन क्रिकेटरों में शुमार है जो संन्यास के बाद भी पूरे देश में बेहद लोकप्रिय हैं और अलग-अलग भूमिकाओं में क्रिकेट में अब भी सक्रिय हैं. विशेषकर पश्चिम बंगाल में सौरव गांगुली काफी लोकप्रिय और प्रभावशाली हैं. उन्हें ममता बनर्जी की नेतृत्व वाली पश्चिम बंगाल सरकार ने 2023 में जेड श्रेणी की सुरक्षा दी थी.

भारत के महान कप्तान रहे हैं दादा

सौरव गांगुली को भारतीय क्रिकेट के सबसे सफल कप्तानों में गिना जाता है. उन्होंने बतौर कप्तान हरभजन सिंह, जहीर खान, वीरेंद्र सहवाग, युवराज सिंह, मोहम्मद कैफ, और एमएस धोनी जैसे क्रिकेटरों को मौका देते हुए भारतीय टीम को मजबूत बनाने और अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में भारतीय टीम का दबदबा स्थापित करने में अहम भूमिका निभाई थी. संन्यास के बाद गांगुली क्रिकेट प्रशासन में सक्रिय हैं. कैब का अध्यक्ष रहने के बाद वह बीसीसीआई के अध्यक्ष थे. बीसीसीआई अध्यक्ष का पद छोड़ने के बाद फिर से कैब की कमान उनके हाथ में है.

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