पूर्व भारतीय क्रिकेटर वीवीएस लक्ष्मण (VVS Laxman) ने न्यूजीलैंड के खिलाफ वनडे सीरीज के दौरान भारतीय खिलाड़ियों की फील्डिंग की आलोचना की। टीम इंडिया तीन मैचों की इस वनडे सीरीज में 0-3 से हार का सामना करना पड़ा। क्रिकेट के इतिहास में 1989 के बाद पहली बार भारतीय टीम किसी बाईलैटरल वनडे सीरीज में क्लीन स्वीप हुई है।

टाइम्स ऑफ इंडिया के अपने कॉलम में लिखा, “न्यूजीलैंड ने टी20 अंतरराष्ट्रीय में 0-5 से मिली हार का बदला वनडे में 3-0 से क्लीन स्वीप कर लिया लेकिन वो अच्छा खेले भी। उन्हें एक लड़खड़ाती हुई टीम इंडिया से भी मदद मिली। विराट कोहली और टीम मैनेजमेंट अपनी फील्डिंग और गेंदबाजी से निराश जरूर होगा।”

वनडे सीरीज के दौरान कुलदीप यादव (Kuldeep Yadav), युजवेंद्र चहल (Yuzvendra Chahal) ने अहम कैच छोड़े थे, वहीं टीम इंडिया के सबसे तेज फील्डर्स में से एक माने जाने वाले रवींद्र जडेजा (Ravindra Jadeja) और कप्तान कोहली ने भी ओवरथ्रो किए। यही छोटी-छोटी गलतियां आखिरी में टीम इंडिया को ले डूबी और भारत सीरीज गंवा बैठा।

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फील्डिंग के लिए टीम इंडिया की आलोचना करने के बाद मध्यक्रम बल्लेबाजों केएल राहुल (KL Rahul) और श्रेयस अय्यर (Shreyas Iyer) की जमकर तारीफ की। लक्ष्मण ने आगे लिखा, “नंबर चार के स्लॉट को लेकर हो रही चर्चाओं को पूरी तरह खत्म करते हुए श्रेयस अय्यर ने बल्लेबाजी को मजबूत किया और केएल राहुल ने एक बार फिर अपनी बहुमुखी प्रतिभा का प्रदर्शन किया लेकिन न्यूजीलैंड ने बल्लेबाजी क्रम की कमियों, खासकर कि सलामी बल्लेबाजी में, को पूरी तरह सामने ला दिया।”

स्थाई सलामी बल्लेबाजों शिखर धवन (Shikhar Dhawan) और रोहित शर्मा (Rohit Sharma) के चोटिल होने की वजह से टीम इंडिया न्यूजीलैंड के खिलाफ वनडे सीरीज में पृथ्वी शॉ और मयंक अग्रवाल की सलामी जोड़ी के साथ उतरी थी जो कि सफल नहीं हुई।

इस जोड़ी के बारे में लक्ष्मण ने लिखा, “पारी की शुरुआत, चाहे बल्ले से हो या गेंद से आगे के मैच की लय सेट करती है। पहले वनडे में बनाई अर्धशतकीय साझेदारी के अलावा सलामी बल्लेबाज मयंक और पृथ्वी ने कोई और साझेदारी नहीं बनाई। जब पारी के पहले हिस्सा में ही तीन विकेट गिर गए, जिसमें टीम का सर्वश्रेष्ठ बल्लेबाज भी शामिल था तो उससे वापसी कर एक सम्मानजनक स्कोर बना पाना आसान नहीं होता है।”

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उन्होंने आगे लिखा, “मध्यक्रम में राहुल और श्रेयस जैसे काबिल बल्लेबाज होने की वजह से टीम इंडिया ऐसा करने में कामयाब हुई। दोनों ही एक से ज्यादा गियर में खेलते हैं, दोनों स्थिति से वाकिफ थे और दोनों ही इंतजार करने और फिर तेजी से खेलने में माहिर हैं। पांडे ने भी रन लेने की अपनी चालाकी से (बल्लेबाजी क्रम में) नई ताकत जोड़ी लेकिन राहुल और पांडे के आउट होने के बाद बल्लेबाजी क्रम में आक्रामकता की कमी होने की वजह से भारत 25 रन पीछे रह गया।”