Former international umpire Simon Taufel reveals a grave error during New Zealand vs England Final match
बेन स्टोक्स, टॉम लेथम (IANS)

इंग्लैंड और न्यूजीलैंड के बीच खेले गए आईसीसी विश्व कप 2019 के रोमांचक फाइनल मैच के दौरान एक बड़ी गलती आईसीसी की नजरों से अनदेखी रह गई। पूर्व अंपायर और एमसीसी सदस्य साइन टॉफेल ने इस गलती को उजागर किया। फॉक्स स्पोर्ट्स में छपी एक खबर में ये कहा गया कि टॉफेल ने खुलासा किया कि फाइनल मैच के दौरान मार्टिन गुप्टिल का ओवर थ्रो बेन स्टोक्स के बल्ले से लगने के बाद इंग्लैंड को 6 रन देने में बड़ी गलती हुई है।

ट्रेंट बोल्ट के आखिरी ओवर में इंग्लैंड को आखिरी तीन गेंदो पर 9 रनों की जरूरत थी, जब चौथी गेंद पर स्टोक्स को रन आउट करने की कोशिश में गुप्टिल ने ओवर थ्रो किया जो कि स्टोक्स के बल्ले के लगकर बाउंड्री के पार चला गया। जिसके बाद अंपयार कुमार धर्मसेना ने इंग्लैंड को 6 रन दिए। दो रन जो बल्लेबाजों ने दौड़कर लिए थे और ओवर थ्रो की मदद से मिले अतिरिक्त चार रन। मैच के बाद धर्मसेना की इस फैसले की काफी आलोचना हुई।

वहीं एमसीसी सब-कमिटि के सदस्य टॉफेल का दावा है कि अंपयार के फैसले में गलती हुई थी। उन्होंने कहा, “इंग्लैंड को पांच रन मिलने चाहिए थे ना कि छह। ये गलत है, फैसला लेने में गलती हुई।”

एमसीसी के नियम 19.8 के मुताबिक, यदि फील्डर के ओवर थ्रो या किसी और वजह से गेंद सीमारेखा के पार जाती है तो टीम को मिलेंगे-

– पेनल्टी के रन

– बाउंड्री के रन

– थ्रो किए जाने तक बल्लेबाजों द्वारा पूरे किए गए रन

अगर इन नियमों पर गौर किया जाए तो गुप्टिल के थ्रो किए जाने तक स्टोक्स ने लाइन पार नहीं की थी। ऐसे में इंग्लैंंड के खाते में केवल 5 रन जाने चाहिए।

टॉफेल ने आगे कहा, “उस समय पर, उन्हें लगा कि बल्लेबाजों ने थ्रो के समय तक रन पूरा कर लिया था। हालांकि टीवी रीप्ले में कुछ अलग ही मामला नजर आता है।” टॉफेल के इस बयान ने ना केवल अंपायर धर्मसेना के फैसले बल्कि विश्व कप फाइनल के नतीजे को भी सवालों के घेरे में खड़ा कर दिया है।