टीम इंडिया के कप्तान विराट कोहली इस दशक में ना केवल भारत बल्कि विश्व क्रिकेट के सर्वश्रेष्ठ बल्लेबाजों में से एक हैं। साल 2019 में सर्वाधिक रन बनाने वाले बल्लेबाज बने कोहली ने भारत को ना केवल आईसीसी टेस्ट रैंकिंग में नंबर एक बनाए रखा है बल्कि ऑस्ट्रेलियाई जमीन पर ऐतिहासिक टेस्ट जीत भी भारत को कोहली की कप्तानी में ही मिली है।

कोहली की इस सफलता का श्रेय उन्हें मौका देने वाले चयनकर्ताओं को भी जाता है। पूर्व भारतीय क्रिकेटर और चयनकर्ता कृष्णामचारी श्रीकांत ने भी इसी बात पर जोर दिया। श्रीकांत ने कहा कि उन्होंने कोहली को मौका दिया और आज वो सफलता की बुलंदियों पर है।

साल 2008 में टीम इंडिया के चयनकर्ता बने पूर्व खिलाड़ी ने टाइम्स ऑफ इंडिया से बातचीत में कहा, “मैं आपको बता दूं कि विराट कोहली को आगे बढ़ने का मौका हमने ही दिया था और देखें कि आज वो कहां है। इसलिए ये (कार्यकाल) बेहद संतोषजनक रहा है।”

बतौर चयनकर्ता श्रीकांत के कार्यकाल के दौरान भी भारत ने महेंद्र सिंह धोनी की कप्तानी में 28 साल बाद दूसरा वनडे विश्व कप जीता था, जो कि इस दशक की भारत की सबसे बड़ी उपलब्धियों में से एक है।

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इस बारे में श्रीकांत ने कहा, “जब 2008 में मैंने चयनकर्ता का पद स्वीकार किया, मेरा सपना था कि ऐसी टीम बनाई जाय जो 2011 विश्व कप जीते। भगवान की हम पर कृपा थी जो धोनी जैसै कप्तान मिला और वो जीत क्रिकेट की दुनिया में मेरे सफर का सबसे खास पल रही।”