पूर्व भारतीय दिग्गज वीरेंद्र सहवाग (Virender Sehwag) का कहना है कि भारत और न्यूजीलैंड के बीच होने वाले विश्व टेस्ट चैम्पियनशिप फाइनल के दौरान सलामी बल्लेबाज रोहित शर्मा (Rohit Sharma) का ट्रेंट बोल्ट (Trent Boult) के बीच दिलचस्प मुकाबला होगा। सहवाग को लगता है कि रोहित की काबिलियत और शीर्ष क्रम में उनकी हालिया फार्म को देखते हुए निश्चित रूप से वो इंग्लैंड में टेस्ट मैचों में सफलता हासिल करेंगे।

पीटीआई से बातचीत में सहवाग ने कहा, ‘‘इसमें कोई शक नहीं कि ट्रेंट बोल्ट और टिम साउदी की जोड़ी भारतीयों के लिए काफी चुनौतियां पेश करेगी। वे दोनों तरीकों से गेंद को मूव कर सकते हैं और साझेदारी में गेंदबाजी करते हुए भी काफी शानदार हैं। मैं बोल्ट बनाम रोहित शर्मा के बीच मुकाबला देखना चाहूंगा। अगर रोहित क्रीज पर जम जाते हैं और बोल्ट के शुरूआती स्पैल को खेलते हैं तो इसे देखना अद्भुत होगा।’’

रोहित के लिये इंग्लैंड के परिस्थितियों में पारी आगाज करने का पहला मौका होगा, हालांकि उन्हें 2014 में टेस्ट खेलने के अनुभव से निश्चित रूप से मदद मिलेगी।

सहवाग ने कहा, ‘‘रोहित शानदार बल्लेबाज हैं और वो पहले भी (2014) में इंग्लैंड में टेस्ट क्रिकेट खेल चुके हैं इसलिए मुझे लगता है कि वो काफी अच्छी तरह से गेंदबाजों का सामना करेंगे जैसा कि हमने हाल में देखा जब उन्होंने बल्लेबाजी का आगाज किया था। इसमें कोई शक नहीं कि वह इस बार इंग्लैंड में रन जुटाएंगे। निश्चित रूप से किसी भी सलामी बल्लेबाज की तरह उन्हें पहले 10 ओवरों में काफी सतर्क रहना होगा और परिस्थितियों को समझने के लिये नयी गेंद को खेलना होगा। मुझे पूरा भरोसा है कि उन्हें अपने स्ट्रोक्स खेलने का मौका मिलेगा।’’

रोहित के अलावा एक और खिलाड़ी है जो सहवाग की तरह शानदार बल्लेबाजी कर सकता है और वो है ऋषभ पंत। सहवाग चाहते हैं कि पंत उसी तरह बल्लेबाजी करे जैसा वो करता है और उसे इंग्लैंड में सफल होने के लिये अपनी तकनीक और तरीके पर ज्यादा विश्लेषण में नहीं पड़ना चाहिए।

उन्होंने कहा, ‘‘ऋषभ पंत अपनी बल्लेबाजी को किसी अन्य से बेहतर जानता है और उसे इस चीज पर ज्यादा ध्यान नहीं लगाना चाहिए कि पूर्व क्रिकेटर, कमेंटेटर और मीडिया क्या कह रहे हैं और बल्कि वह जो चीज बेहतर कर सकता है, उसी पर ही ध्यान रखना चाहिए। ऋषभ का ध्यान एक बार में एक ही गेंद पर होना चाहिए। अगर गेंद को हिट करने लायक है तो उसे हिट करना चाहिए। मुझे नहीं लगता कि उसे इसमें बदलाव करने की जरूरत है क्योंकि उसे इसी दृष्टिकोण से सफलता मिली है और टेस्ट मैच बिलकुल अलग तरह के मैच होते हैं।’’

सहवाग ये भी चाहते हैं कि चेतेश्वर पुजारा के ‘स्ट्राइक रेट’ को लेकर होने वाली चर्चा बंद हो जानी चाहिए। उन्होंने कहा, ‘‘टेस्ट क्रिकेट में मुझे नहीं लगता कि स्ट्राइक रेट कभी भी मायने रखता था। जब मैं भारत के लिये टेस्ट क्रिकेट खेलता था तो मेरे बाद राहुल द्रविड़, सौरव गांगुली और वीवीएस लक्ष्मण बल्लेबाजी के लिये उतरते थे। ये सभी टेस्ट में लगभग 50 के स्ट्राइक रेट से खेले जो पूरी तरह से ठीक है।’’