Fragile batting has made India-Australia series ‘enthralling’: Ian Chappell
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पूर्व ऑस्ट्रेलियाई कप्तान इयान चैपल का मानना है कि दोनों टीमों के कमजोर बल्लेबाजी क्रम की वजह से भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच खेली जा रही टेस्ट सीरीज काफी दिलचस्प हो गई है।

भारत के ऑस्ट्रेलिया के बीच हो रही चार मैचों की बॉर्डर गावस्कर ट्रॉफी सीरीज तीन मैचों के बाद फिलहाल 1-1 की बराबरी पर है। गाबा, ब्रिसबेन में खेले जा रहे चौथे मैच के खत्म होने पर सीरीज के विजेता का फैसला होगा।

पूर्व कप्तान ने कहा कि भारतीय खिलाड़ी अब स्पिन के खिलाफ उतने अच्छे बल्लेबाज नहीं हैं। ईएसपीएन क्रिकइंफो के अपने कॉलम में उन्होंने लिखा, “दोनों टीमों के बल्लेबाजी क्रम की कमजोरी ने इस सीरीज को दिलचस्प बनाने में पूरा योगदान दिया है। ज्यादा से ज्यादा बार टीमें ऑलआउट हो रही हैं और लगातार किसी भी टीम ने पूरी तरह से दबाव नहीं बनाया है। भारत के दिखाए धैर्य और लड़ाई की बराबरी क्लास ऑस्ट्रेलियाई अटैक और उनके कभी हार ना मानने वाले रवैए ने की।”

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चैपल को विश्वास है कि अगर भारत और ऑस्ट्रेलिया आईसीसी विश्व टेस्ट चैंपियनशिप के फाइनल में पहुंचते हैं तो ये आईसीसी खिताब के लिए एक शानदार मुकाबला होगा। उन्होंने लिखा, “अगर ये दोनों टीमें विश्व टेस्ट चैंपियनशिप के फाइनल में पहुंचती है और अपनी पूरी ताकत के साथ होती हैं तो ये एक बेहतरीन मुकाबला होगा।

चैपल ने ये भी कहा कि भारतीय बल्लेबाज अब स्पिन के खिलाफ उतने प्रभावी नहीं हैं। आगे लिखा, “पहली बात ये कहना अब सही नहीं होता कि भारतीय बल्लेबाज स्पिन के सबसे अच्छे खिलाड़ी हैं। वो बाकियों जितने खराब तो नहीं है लेकिन निश्चित तौर पर कुछ खास बेहतर भी नहीं है।”

उन्होंने आगे लिखा, “इस सीरीज में कई ऐसे मौके आए हैं जब वो स्पिन के खिलाफ स्मार्ट बल्लेबाज नहीं लगे हैं। सिडनी टेस्ट की पहली पारी में रोहित शर्मा और चेतेश्वर पुजारा इसके सबसे बड़े उदाहरण थे। वो नाथन लियोन के खिलाफ हर गेंद को आगे बढ़कर डिफेंड कर रहे थे जो ना केवल खराब फुटवर्क है बल्कि मुसीबत को न्यौता देने जैसा है। लियोन ने दोनों में से किसी का विकेट नहीं लिया लेकिन मेरे हिसाब से वो अच्छी किस्मत थी ना कि अच्छा फुटवर्क।”