क्रिकेट इतिहास की सबसे प्रतिष्ठित एशेज टेस्ट सीरीज (The Ashes, 2021-22) का आगाज 8 दिसंबर के ब्रिसबेन के द गाबा स्टेडियम में होने वाले पहले मैच के साथ होगा। जो रूट (Joe Root) की अगुवाई वाली इंग्लैंड टीम के साथ पैट कमिंस (Pat Cummins) की ऑस्ट्रेलिया टीम में कई ऐसे खिलाड़ी हैं जो अकेले दम पर खेल का रुख बदलने का माद्दा रखते हैं। ऐसे में इन खिलाड़ियों पर सभी की नजरें टिकी रहेंगी।

स्टीव स्मिथ (ऑस्ट्रेलिया)

पूर्व ऑस्ट्रेलियाई कप्तान और मौजूदा टीम के उप कप्तान स्टीव स्मिथ (Steve Smith) फिलहाल दुनिया के तीसरे नंबर के टेस्ट बल्लेबाज हैं और केवल इंग्लैंड के कप्तान जो रूट (Joe Root) और न्यूजीलैंड के केन विलियमसन (Kane Williamson) से पीछे हैं। 2019 में इंग्लैंड में खेली गई आखिरी एशेज सीरीज में स्मिथ ने लंबे ब्रेक के बाद मैदान पर लौटते हुए धमाकेदार प्रदर्शन किया था।

110.57 की बेहतरीन औसत से बल्लेबाजी करते हुए स्मिथ ने 774 रन बनाए थे, जिसमें तीन शतक और एक दोहरा शतक शामिल था। स्मिथ के इस प्रदर्शन के दम पर उनकी टीम को 2-2 से सीरीज ड्रा कर एशेज रीटेन करने में कामयाब रही थी।

स्मिथ, जिन्होंने 77 टेस्ट मैचों में 61.80 की औसत से 27 शतक बनाए हैं आगामी एशेद में चिर प्रतिद्वंद्वी जेम्स एंडरसन और स्टुअर्ट ब्रॉड के साथ मुकाबले करने को लेकर उत्साहित होंगे।

तेज-तर्रार और स्पिन का सामना करने में माहिर, स्मिथ तेज गेंदबाजी को भी अच्छे से खेलते हैं। हालांकि स्मिथ की कोई एक कमजोरी नहीं है चूंकि वो अपने खेल में लगातार सुधार करने में सक्षम हैं, जिससे वो एक खतरनाक प्रतिद्वंद्वी बन गए हैं। इसके अलावा स्मिथ स्लिप में एक शानदार फील्डर हैं और कभी-कभार लेग स्पिन गेंदबाजी करते हैं।

जो रूट (इंग्लैंड)

इंग्लैंड के कप्तान जो रूट (Joe Root) एशेज में एक बल्लेबाज के रूप में इतिहास बनाने के करीब हैं। साथ ही रूट ऑस्ट्रेलियाई जमीन पर इंग्लैंड के 10 में से 9 टेस्ट मैच हारने के रिकॉर्ड को भी पलटना चाहेंगे।

30 साल के कप्तान मौजूदा टेस्ट बल्लेबाजी रैंकिंग में शीर्ष पर है, रूट ने 2021 में 23 पारियों में 1,455 रन बनाए हैं, जो मोहम्मद यूसुफ के कैलेंडर साल के रिकॉर्ड से 333 रन कम है। यॉर्कशायरमैन के पास साल खत्म होने से पहले ब्रिस्बेन, एडिलेड और मेलबर्न में होने वाली छह पारियां में ये आंकड़ा पूरा कर पाकिस्तानी बल्लेबाज से आगे निकलने का मौका है।

रूट का मानना है कि इंग्लैंड के पास इस एशेज में कुछ खास करने का मौका है, लेकिन वो ये भी जानते हैं कि उनकी टीम की उम्मीदें एक कमजोर शीर्ष क्रम पर टिकी हैं।

पैट कमिंस (ऑस्ट्रेलिया)

दुनिया के नंबर एक टेस्ट गेंदबाज और ऑस्ट्रेलिया के नए कप्तान पैट कमिंस (Pat Cummins) इस एशेज सीरीज में शायद सबसे ज्यादा अहम भूमिका निभाएंगे। मिचेल स्टार्क (Mitchell Starc) और जोश हेज़लवुड (Jost Hazlewood) के साथ वो मेजबान टीम के पेस अटैक को लीड करेंगे। पिछली एशेज सीरीज में कमिंस ने 19.62 पर 29 विकेट लेकर एशेज को बरकरार रखने में मदद की।

कमिंस का करियर औसत (21.59) किसी भी अन्य मौजूदा टेस्ट गेंदबाज से बेहतर है और उनकी उछाल, गति और सटीकता का मतलब है कि दाएं हाथ का तेज इंग्लैंड की बल्लेबाजी लाइन-अप के लिए वो एक वास्तविक खतरा है। हालांकि देखना होगा कि कप्तानी की नई जिम्मेदारी उनकी गेंदबाजी को कितना प्रभावित करती है।

कैमरून ग्रीन (ऑस्ट्रेलिया)

22 साल के ऑस्ट्रेलियाई ऑलराउंडर कैमरून ग्रीन (Cameron Green) के लिए ये एशेज करियर बदलने वाली हो सकती है। ग्रीन पांचवें गेंदबाज के रूप में ऑस्ट्रेलिया के टीम में संतुलन लाने का काम करेंगे। रिकी पोंटिंग के बाद ऑस्ट्रेलिया से आने वाले सर्वश्रेष्ठ ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाज कहे जा रहे ग्रीन पर दबाव जरूर होगा लेकिन उनके लिए ये एशेज सीरीज राष्ट्रीय टीम जगह पक्की करने का सुनहरा मौका है।

घरेलू शेफील्ड शील्ड में एक पारी में पांच विकेट लेने वाले सबसे कम उम्र (17 साल) के तेज गेंदबाज की उपलब्धि हासिल करने के बाद, वेस्टर्न ऑस्ट्रेलिया के लिए धमाकेदार बल्लेबाजी फॉर्म ने ग्रीन को एक साल पहले एडिलेड में भारत के खिलाफ टेस्ट मैच में डेब्यू दिलाया था।

उन्होंने दबाव वाली परिस्थितियों में भारत के खिलाफ चार टेस्ट मैचों में 236 रन बनाकर मौके का फायदा उठाया। जिसके बाद कोच जस्टिन लैंगर ने उन्हें “असली क्लास एक्ट” कहा।

बेन स्टोक्स (इंग्लैंड)

मानसिक स्वास्थ्य और उंगली की चोट की वजह से लंबे समय से मैदान से दूर रहे इंग्लैंड के स्टार ऑलराउंडर बेन स्टोक्स (Ben Stokes) ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ एशेज सीरीज के साथ मैदान पर वापसी कर रहे हैं। वहीं गाबा टेस्ट से पहले कप्तान जो रूट ने भी कहा है कि स्टोक्स इस सीरीज में अहम भूमिका निभाएंगे जैसा कि उन्होने 2019 की सीरीज में किया था।

हालांकि 30 साल के स्टोक्स की मौजूदगी ना केवल इंग्लैंड टीम में संतुलन का काम करती है बल्कि उनके रहने से टीम को एक एक्स फैक्टर भी मिलता है। जिसकी इंग्लैंड टीम को बेहद जरूरत है चूंकि टीम के एक और स्टार खिलाड़ी जोफ्रा आर्चर का हिस्सा नहीं होंगे।

ऑस्ट्रेलिया के कोच जस्टिन लैंगर ने स्वीकार किया है कि 2019 में हेडिंग्ले में स्टोक्स के कारनामों के बारे में उन्हें आज भी बुरे सपने हैं, जहां उन्होंने इंग्लैंड को एक विकेट से करीब जीत दिलाने के लिए नाबाद 135 रनों की शानदार पारी खेली। ऐसे में स्टोक्स का प्लेइंग इलेवन में रहना इंग्लैंड टीम के लिए सकारात्मक है।