गौतम गंभीर © Getty Images
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भारतीय टीम के सलामी बल्लेबाज गौतम गंभीर ने अपने पूर्व साथी खिलाड़ी और कप्तान राहुल द्रविड़ के डॉक्टरेट अस्वीकार करने के फैसले की तारीफ की। हाल ही में बैंगलौर विश्वविद्यालय ने इस दिगग्ज खिलाड़ी को सम्मानित करने के लिए डॉक्टरेट देने का फैसला किया था। लेकिन द्रविड़ ने यह कहकर इसे अस्वीकार किया कि वह खुद क्रिकेट के विषय पर शोध करने के बाद यह डॉक्टरेट हासिल करना चाहते हैं। द्रविड़ के इस फैसले की हर तरफ तारीफ हो रही है। वहीं गंभीर ने भी राहुल की प्रशंसा करते हुए उन्हें युवाओं के साथ साथ सभी के लिए प्रेरणा बताया। ये भी पढ़ें: महेंद्र सिंह धोनी ने मोबाइल कंपनी पर नाम के दुरूपयोग का आरोप लगाया

द्रविड़ हमेशा से ही ऐसे शख्स रहे हैं जिसे देखकर क्रिकेट को जेंटलमैन गेम कहना सार्थक लगता है। वर्तमान में द्रविड़ भारत अंडर-19 टीम के कोच हैं। गंभीर ने द्रविड़ के डॉक्टरेट अस्वीकार करने के फैसले को लेकर ट्विटर पर अपनी प्रतिक्रिया जाहिर की। उन्होंने लिखा कि उन्हें राहुल पर गर्व है और डॉक्टरेट को पढ़कर हासिल करना ही सही तरीका है। उन्होंने यह भी कहा कि इस तरह की माननीय उपाधियां नहीं होनी चाहिए क्योंकि देश को असली नायक चाहिए ना कि माननीय। गंभीर हमेशा से ही अपने बेबाक स्वभाव को लेकर चर्चा में रहे हैं। वह हर समसामायिक विषय पर अपनी राय खुलकर सामने रखते हैं। हालांकि कई बार इस कारण उन्हें विरोध का सामना करना पड़ा है। ये भी पढ़ें: सचिन तेंदुलकर ने ईडन गार्डन पर अपने सबसे यादगार मैच को याद किया

गंभीर फिलहाल भारतीय टीम से बाहर है और टीम इंडिया में वापसी करने की तैयारी कर रहे है। गंभीर का यह ट्वीट काफी लाइक किया गया। हाल ही में गंभीर ने गणतंत्र दिवस के मौके पर रेडियो स्टेशन पर अपनी भड़ास निकाली। जिस वजह से उन्हें ट्रोल का सामना करना पड़ा।