गौतम गंभीर फिलहाल दिल्ली की ओर से रणजी ट्रॉफी खेल रहे हैं।  © Getty Images
गौतम गंभीर फिलहाल दिल्ली की ओर से रणजी ट्रॉफी खेल रहे हैं। © Getty Images

भारत के सलामी बल्लेबाज गौतम गंभीर के लिए यह साल कुछ खास अच्छा नहीं रहा है। गंभीर को इस साल पहले न्यूजीलैंड सीरीज और फिर इंग्लैंड सीरीज में टेस्ट टीम में वापसी का मौका मिला है लेकिन वह इसे भुना नहीं पाए और टीम से बाहर हो गए। अब बीसीसीआई की तरफ से गंभीर को एक लीगल नोटिस भेजा गया है जिसमें यह कहा गया है कि वह इंडियन जूनियर आईपीएल लीग से अलग हो जाएं। बता दें कि गंभीर युवा खिलाड़ियों को अपनी प्रतिभा दिखाने का मौका देने वाले इस टूर्नामेंट के ब्रांड एंबेसेडर हैं। इंडियन जूनियर लीग को दिल्ली के एक बिजनेस मैन दिनेश कपूर प्रमोट कर रहे हैं। ये भी पढ़ें: भारत बनाम इंग्लैंड पांचवे टेस्ट का फुल स्कोरकार्ड यहां देखें

गंभीर ने इस टूर्नामेंट के प्रमोशन से जुड़ा एक ट्वीट अपने अकाउंट से पोस्ट किया था। जिसमें उन्होंने लिखा था कि “आईजेपीएल टी20 के साथ नई ऊचांईयों पर, युवा खिलाड़ियों के लिए एक राष्ट्रीय टूर्नामेंट।” बीसीसीआई ने इसके बाद ही इस मामले पर एक्शन लिया। उन्होंने शनिवार को गंभीर को नोटिस भेजकर इस टूर्नामेंट से अलग होने के लिए कहा। वहीं इस मामले में गंभीर के फैंस बीसीसीआई को दोहरे व्यवहार का दोषी बता रहे हैं। गंभीर से पहले भी भारत के सीमित ओवर के कप्तान महेंद्र सिंह धोनी भी कई ऐसे टूर्नामेंट से जुड़े रह चुके हैं। वह उनका प्रमोशन अपने सोशल नेटवर्किंग साइट पर भी करते रहे हैं लेकिन उन्हें बीसीसीआई ने कभी कोई भी नोटिस नहीं भेजा, इस बात से गंभीर के प्रशंसक काफी नाराज हैं। धोनी ने यूएई की मास्टर चैम्पियंस लीग को प्रमोट किया था। साथ ही उनके लिए एक वीडियो संदेश भी भेजा था लेकिन बोर्ड को इससे कोई आपत्ति नहीं थी। ये भी पढ़ें: भारत बनाम इंग्लैंड, पांचवां टेस्ट, चौथा दिन(लाइव ब्लॉग): करुण नायर शतक की ओर, भारत के 400 रन पूरे

जूनियर क्रिकेट लीग में साउथ अफ्रीका के पूर्व खिलाड़ी जोंटी रॉड्स, वेस्ट इंडीज के काइरान पोलार्ड और भारतीय क्रिकेटर रिषी धवन मेंटर हैं। गंभीर ने इस नोटिस के जवाब में यह कहा है कि वह इस लीग से अलग हो चुके हैं। गंभीर ने किसी भी प्रकार के कानूनी मसले में फंसने से बचने के लिए शायद ऐसा किया होगा लेकिन बीसीआई की तरफ से इस तरह का कदम कई खिलाड़ियों को हतोत्साहित कर सकता है।