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क्या था टी-20 वर्ल्ड कप का टर्निंग प्वॉइंट, किसने पर्दे के पीछे से रचा चक्रव्यूह, गौतम गंभीर ने किया खुलासा

सूर्यकुमार यादव ने विश्व कप खिताब जीतने के बाद बताया था कि कोच गौतम गंभीर के साथ उनका तालमेल शानदार रहा है, इन दो वर्षों में कभी कोई बहस नहीं हुई.

user-circle cricketcountry.com Written by Akhilesh Tripathi
Last Updated on - March 10, 2026 9:24 PM IST

सूर्य कुमार यादव की कप्तानी और हेड कोच गौतम गंभीर के मार्गदर्शन में भारतीय टीम ने न्यूजीलैंड को हराकर तीसरी बार टी-20 वर्ल्ड कप खिताब पर कब्जा किया. न्यूजीलैंड को फाइनल मुकाबले में भारत ने 96 रन से मात दी और तीन बार टी-20 वर्ल्ड कप खिताब जीतने वाली पहली टीम बनी. इसके अलावा टीम इंडिया खिताब डिफेंड करने वाली और घरेलू घरती पर खिताब जीतने वाली पहली टीम बनी है. भारत के टी-20 वर्ल्ड कप खिताब जीतने के बाद टीम के हेड कोच गौतम गंभीर ने टूर्नामेंट का टर्निंग प्वॉइंट बताया है. इसके अलावा उन्होंने चीफ सेलेक्टर अजीत अगरकर को लेकर भी बड़ा बयान दिया है.

गंभीर ने भारत के हेड कोच के तौर पर वर्ल्ड कप जीतने के बाद जियोस्टार से कहा,मैंने कभी नहीं सोचा था कि एक कोच के तौर पर वर्ल्ड कप जीतूंगा, मैंने कभी नहीं सोचा था कि मुझे भारतीय टीम का हेड कोच बनने का मौका मिलेगा, क्योंकि भारत की जर्सी फिर से पहनना या देश के लिए कुछ खास करना बहुत बड़ी बात है.

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भारतीय टीम के पूर्व ओपनर ने देश का प्रतिनिधित्व करने के भावनात्मक कनेक्शन पर जोर देते हुए कहा कि परिवार से मिली पहचान और लाखों फैंस के गर्व ने इस उपलब्धि को और भी खास बना दिया. उन्होंने कहा, जब आपकी मां आपको बधाई देते हुए कहती हैं, ‘बहुत बढ़िया’, तो बस आप उसी के लिए खेलते हैं और उसी के लिए जीते हैं. 140 करोड़ भारतीयों को गर्व महसूस कराने से बड़ा एहसास और क्या ही होगा.

संजू की 97 रन की पारी रही टर्निंग प्वॉइंट

टीम इंडिया के हेड कोच गौतम गंभीर का मानना है कि वेस्टइंडीज के खिलाफ संजू सैमसन की 97 रनों की पारी भारतीय टीम के लिए टूर्नामेंट का सबसे बड़ा टर्निंग प्वाइंट रही. उन्होंने कहा, यह कहना बहुत मुश्किल है, लेकिन मेरा अब भी मानना ​​है कि वेस्टइंडीज के खिलाफ संजू की 97 रन की पारी इस कैंपेन का टर्निंग प्वाइंट थी, यह एक तरह से क्वार्टर-फाइनल था, वर्ल्ड कप के गेम में 195 रन का पीछा करना कभी भी आसान नहीं होता, चाहे मैदान कोई सा भी हो.

गौतम गंभीर ने कहा कि संजू सैमसन के शांत रवैया ने भारतीय टीम के ड्रेसिंग रूम का माहौल पूरी तरह से बदल दिया. हेड कोच ने ईशान किशन के योगदान की भी जमकर प्रशंसा की.

आखिरी तीन मुकाबले में संजू ने किया कमाल

‘करो या मरो’ मुकाबले में वेस्टइंडीज ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 20 ओवर में 4 विकेट खोकर 195 रन बनाए थे, 196 रनों के लक्ष्य का पीछा करते हुए भारतीय टीम 41 के स्कोर पर 2 विकेट गंवाकर मुश्किल में थी, हालांकि, संजू एक छोर संभालकर खड़े रहे और उन्होंने 50 गेंदों में 97 रनों की दमदार पारी खेली. संजू की महत्वपूर्ण पारी के दम पर भारतीय टीम 5 विकेट से जीत दर्ज करने में सफल रही थी। संजू सैमसन ने सेमीफाइनल मुकाबले में इंग्लैंड के खिलाफ 42 गेंदों में 89 रनों की शानदार पारी खेली, वहीं फाइनल मैच में न्यूजीलैंड के खिलाफ उन्होंने 46 गेंदों में 89 रन बनाए. संजू टी20 वर्ल्ड कप इतिहास के खिताबी मुकाबले में सबसे बड़ी पारी खेलने वाले बल्लेबाज बने.

टी20 वर्ल्ड कप में पर्दे के पीछे से रचा अजीत अगरकर ने ‘चक्रव्यूह’

हेड कोच गौतम गंभीर ने खिताबी जीत का श्रेय चीफ सेलेक्टर अजीत अगरकर को देते हुए स्पष्ट तौर पर कहा था कि ‘उनकी काफी आलोचना होती है, लेकिन वह अपना काम पूरी ईमानदारी से कर रहे हैं. अगरकर के ही कार्यकाल में भारत ने तीन आईसीसी टूर्नामेंट अपने नाम किए.

अजीत अगरकर के कार्यकाल में भारत ने जीते तीन आईसीसी खिताब

अजीत अगरकर ने साल 2023 में सीनियर चयन समिति के अध्यक्ष का पदभार संभाला था। ये वो दौर था, जब परिस्थितियां अलग थीं, लेकिन करीब तीन साल के कार्यकाल में अगरकर ने मुश्किल और साहसिक फैसले लेकर परिणाम भारत के पक्ष में मोड़ दिए. बीते तीन वर्षों में भारत ने वनडे वर्ल्ड कप 2023, टी20 वर्ल्ड कप 2024, चैंपियंस ट्रॉफी 2025 और टी20 वर्ल्ड कप 2026 के फाइनल में जगह बनाई, इस दौरान तीन खिताब अपने नाम किए.

चीफ सेलेक्टर के तौर पर कई फैसले को लेकर निशाने पर थे अगरकर

अगरकर ने अपने कार्यकाल में कई ऐसे फैसले लिए, जिसके चलते आलोचनाओं का सामना करना पड़ा, लेकिन उनके फैसले टीम के हित में एकदम सही साबित हुए, इनका असर टीम के संतुलन और भविष्य की रणनीति पर नजर आया, उन्होंने युवा खिलाड़ियों को मौका देने की नीति अपनाने के साथ टीम में फिटनेस और फॉर्म को प्राथमिकता दी, इस दौरान कुछ सीनियर खिलाड़ियों को बाहर कर नए चेहरों पर भरोसा जताया, उनके इन फैसलों का मकसद भारतीय टीम को भविष्य के टूर्नामेंट्स के लिए मजबूत बनाना रहा. एक समय था, जब टी20 फॉर्मेट में हार्दिक पंड्या को कप्तान के तौर पर मजबूत दावेदार माना जा रहा था, लेकिन अगरकर ने सूर्या पर दांव खेला, जिनकी उम्र पर भी उस दौर में सवाल खड़े किए गए थे, वही सूर्या भारत को टी20 वर्ल्ड कप जिताने वाले तीसरे कप्तान बने.

सूर्यकुमार यादव ने विश्व कप खिताब जीतने के बाद बताया था कि कोच गौतम गंभीर के साथ उनका तालमेल शानदार रहा है, इन दो वर्षों में कभी कोई बहस नहीं हुई, जिससे एक आदर्श प्लेइंग इलेवन तैयार करने में मदद मिली। अजीत अगरकर का यह एक मास्टरस्ट्रोक साबित हुआ, जिसने कोच और कप्तान के बीच शानदार तालमेल के साथ भारत को विश्व कप विजेता बनाया.

ईशान की वापसी में अगरकर का था रोल

ईशान को लंबे वक्त से टीम इंडिया में नजरअंदाज किया जा रहा था, लेकिन अगरकर को इस खिलाड़ी पर विश्वास था. आखिरकार ईशान को टी20 वर्ल्ड कप टीम में मौका दिया गया, जो एक और मास्टरस्ट्रोक साबित हुआ. ईशान ने टी20 वर्ल्ड कप 2026 में 9 मैच खेले, जिसमें 35.22 की औसत के साथ 317 रन बनाए, वह सर्वाधिक रन बनाने वालों की सूची में चौथे पायदान पर रहे। उनके एक बड़े फैसले में रोहित शर्मा के स्थान पर शुभमन गिल को वनडे टीम की कमान सौंपना भी शामिल था.

अगरकर ने संजू सैमसन पर जताया था भरोसा

संजू साल 2025 में टी20 क्रिकेट में खासा प्रभावित नहीं कर सके था, इस दौरान उनके बल्ले से सिर्फ एक ही अर्धशतक आया था, लेकिन इसके बावजूद अगरकर को संजू पर पूरा विश्वास था, यही वजह रही कि उन्हें टी20 वर्ल्ड कप टीम में शामिल किया गया, जिसमें संजू ने वेस्टइंडीज (97*), इंग्लैंड (89) और न्यूजीलैंड (89) के खिलाफ शानदार पारियां खेलकर भारत को खिताब जिताने में अहम भूमिका निभाई. संजू टी20 वर्ल्ड कप 2026 के 5 मुकाबलों में 80.25 की औसत के साथ 321 रन बनाकर ‘प्लेयर ऑफ द सीरीज’ रहे.

T20 वर्ल्ड कप 2026 से जुड़े सभी ताजा अपडेट आप देख सकते हैं: https://www.cricketcountry.com/hi/icc-mens-t20-world-cup-2026/