गौतम गंभीर ने 2012 ट्राई सीरीज के दौरान धोनी की कप्तानी की आलोचना की

गंभीर ने हाल ही में अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट के भी फॉर्मेट से संन्यास का ऐलान कर दिया।

Edited By : Cricket Country Staff |Dec 09, 2018, 03:02 PM IST

Published On Dec 09, 2018, 03:02 PM IST

Last UpdatedDec 09, 2018, 03:02 PM IST

Gautam Gambhir, MS Dhoni played crucial knocks in 2011 World cup final

हाल ही में क्रिकेट के सभी फॉर्मेट्स से संन्यास का ऐलान करने वाले गौतम गंभीर ने अपने साथी खिलाड़ी रहे चुके महेंद्र सिंह धोनी की कप्तानी की आलोचना की। गंभीर के निशाने पर ऑस्ट्रेलिया में 2012 में खेली गई ट्राई सीरीज में धोनी का सचिन तेंदुलकर, वीरेंदर सहवाग और गंभीर को एक साथ ना खिलाने का फैसला था।

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इंडिया टुडे से बातचीत में गंभीर ने कहा, “2012 में ऑस्ट्रेलिया में हुई ट्राई सीरीज में धोनी ने ऐलान किया था कि वो हम तीनों (सचिन, सहवाग, गंभीर) को एक साथ नहीं खिला सकता क्योंकि वो 2015 विश्व कप की तैयारी कर रही है। ये बड़ा झटका था, मुझे लगता है कि किसी भी क्रिकेटर के लिए ये तगड़ा झटका होता। मैंने कभी ऐसा नहीं सुना था कि किसी को 2012 में ये कह दिया गया हो कि वो 2015 विश्व कप का हिस्सा नहीं होंगे। मेरे मन में हमेशा यही बात थी कि अगर आप लगातार रन बनाते रहेंगे तो उम्र तो केवल एक नंबर है।”

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गंभीर ने आगे कहा, “जब हमे एक जीत की बेहद जरूरत थी, मुझे याद है होबार्ट में, वीरू और सचिन ने सलामी बल्लेबाजी की थी और मैं तीन नंबर पर खेला था और विराट चार पर। भारत वो मैच जीत गया था और हमे 37 ओवर में लक्ष्य का पीछा करना पड़ा था। सीरीज की शुरुआत में हम एक साथ नहीं खेले थे, हमे रोटेट किया जा रहा था। जब जीत की बेहद जरूरत थी, तब एमएस ने हम तीनों को खिलाया।”

धोनी की कप्तानी की आलोचना करते हुए गंभीर ने कहा, “अगर आपने कोई फैसला किया है तो उस पर टिके रहे। आपने पहले से जो सोच लिया है, उससे पीछ ना हटें।” बता दें कि 2012 की सीबी सीरीज में टीम इंडिया का प्रदर्शन अच्छा नहीं रहा था और भारत फाइनल में नहीं पहुंच पाया था। श्रीलंका को हराकर मेजबान ऑस्ट्रेलिया ने खिताब जीता था।

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