Gautam Gambhir dismisses rumours of joining politics, open for coaching
Gautam Gambhir

प्रतिस्पर्धी क्रिकेट से संन्यास लेने वाले गौतम गंभीर ने रविवार को राजनीति से जुड़ने की अटकलों को खारिज किया लेकिन यह पूर्व भारतीय बल्लेबाज कोचिंग देने के लिए तैयार है। भारत की विश्व कप विजेता टीम का हिस्सा रहे 37 साल के गंभीर ने फिरोजशाह कोटला पर अपने विदाई रणजी ट्रॉफी मैच में यादगार शतक जड़ा।

गंभीर से जब यह पूछा गया कि क्या वह अगले आम चुनाव में मैदान में उतरेंगे तो उन्होंने कहा, ‘‘बिलकुल भी नहीं।’’

उन्होंने कहा, ‘‘इस तरह की अटकलें हैं जो मैंने भी सुनी हैं, ऐसा संभवत: इसलिए है कि मैं सामाजिक मुद्दे भी उठाता हूं। मेरे लिए ट्विटर हमेशा ऐसा मंच रहा है जो काफी महत्वपूर्ण है और जहां मैं सामाजिक मुद्दे उठा सकता हूं।’’

बायें हाथ के इस बल्लेबाज ने कहा, ‘‘मैं इस तरह का इंसान नहीं हूं जो ट्विटर जैसे मंच पर भी मजाक शुरू कर दे। मेरे लिए इस देश का नागरिक होने के नाते सामाजिक मुद्दे उठाना मेरा अधिकार है और संभवत: यही कारण है कि लोगों को लगता है कि मैं राजनीति से जुड़ने वाला हूं लेकिन ऐसा कुछ नहीं है।’’

गंभीर ने भारत की ओर से अंतिम मैच 2016 में इंग्लैंड के खिलाफ राजकोट में खेला था। उन्होंने कहा, ‘‘जैसा कि मैंने कहा कि अब तक तो मैंने इसके बारे (राजनीति के) बारे में सोचा भी नहीं है और यह पूरी तरह से अलग चीज है। 25 साल मैंने क्रिकेट के अलावा कुछ नहीं किया, इसलिए देखते हैं कि मैं क्या करूंगा।’’

गंभीर ने टेस्ट क्रिकेट में 58 मैचों में 4154 रन बनाए। उन्होंने इसके अलावा एकदिवसीय अंतरराष्ट्रीय मैचों में 5238 जबकि टी20 अंतरराष्ट्रीय मैचों में 932 रन बनाए। गंभीर से जब यह पूछा गया कि क्या वह प्रतिस्पर्धी क्रिकेट में कोचिंग पद स्वीकार करने के इच्छुक है तो वह सकारात्मक नजर आए।

उन्होंने कहा, ‘‘जो चीज मुझे सबसे अधिक रोमांचित करती है वह एक्शन है और मुझे यकीन है कि एक्शन एसी कमरों में बैठकर कमेंटरी जैसी चीजें करना नहीं है। मुझे नहीं पता कि मैं खिलाड़ी जितना अच्छा कोच बन पाऊंगा या नहीं।’’

गंभीर से जब यह पूछा गया कि क्या वह कभी क्रिकेट प्रशासन से जुड़ेंगे तो उन्होंने इससे इनकार कर दिया। अंतिम प्रतिस्पर्धी मैच खेलने के बाद अपने सभी बल्ले टीम के अपने साथियों को बांटने वाले गंभीर ने कहा, ‘‘मैं सीधी बात करने वाला व्यक्ति हूं और मुझे नहीं लगता कि प्रशासन या कहीं और मुझे स्वीकार किया जाएगा।’’

गंभीर ने कहा कि वह दिल्ली क्रिकेट के युवा खिलाड़ियों की मदद करने के इच्छुक हैं।