गौतम गंभीर इस समय रणजी ट्रॉफी में दिल्ली की कप्तानी कर रहे हैं। © Getty Images
गौतम गंभीर इस समय रणजी ट्रॉफी में दिल्ली की कप्तानी कर रहे हैं। © Getty Images

भारतीय टीम के सलामी बल्लेबाज गौतम गंभीर और सीमित ओवरों के कप्तान महेंद्र सिंह धोनी के बीच विवाद की खबरें आए दिन आती रहती हैं। गौतम के फैंस का तो यह भी मानना है कि उन्हें टीम से निकालने के पीछे धोनी का हाथ था। उनका मानना है कि धोनी ने ही गौतम को टीम से बाहर जाने के लिए मजबूर किया था लेकिन अब गंभीर ने इन सभी अफवाहों पर रोक लगा दी है। एमएस और अपने बीच के झगड़े की बात को गंभीर ने नाटकीय बताया है। उनका कहना है कि धोनी और उनके बीच कोई झगड़ा नही है और यह सारी बातें झूठी हैं जिन्हें फैलाया जा रहा है। ये भी पढ़ें: भारत बनाम इंग्लैंड: वरदा चक्रवात के बावजूद चेन्नई में खेला जाएगा पांचवां टेस्ट

गंभीर ने पहली बार फेसबुक के जरिए अपने फैंस के साथ बातचीत की। अपने पहले फेसबुक लाइव में एक फैन के धोनी से झगड़े के बारें में पूछे जाने पर उन्होंने कहा, “हमारे बीच कोई झगड़ा या दुश्मनी नहीं है। मैरा मानना है कि जब भी हम भारत के लिए खेलते हैं तो विचारों के मतभेद के बावजूद हमारा एकमात्र लक्ष्य होता है अपने देश को जिताना।” जब तब आप देश की जीत के लिए खेलोगे, मुझे नहीं लगता कि कोई भी मतभेद होंगे। मेरा मानना है कि वह एक अच्छे खिलाड़ी हैं और एक बेहतरीन इंसान भी। हमने एक साथ काफी अच्छे पल बिताएं हैं चाहे वह 2007 का टी20 विश्व कप हो, 2011 का वनडे विश्व कप या फिर टेस्ट में नंबर एक बनने का समय।” गंभीर 2007 और 2011 दोनों ही विश्व कप में विनिंग इलेवन का हिस्सा थे। 2011 विश्व कप फाइनल में श्रीलंका के खिलाफ गंभीर ने 122 गेंदों पर शानदार 97 रन बनाए थे पर वह शतक से चूक गए थे। ये भी पढ़ें: वरदा तूफान के कारण दोनों टीमें नहीं कर सकीं अभ्यास

गंभीर के इस बयान ने धोनी और उनके बीच की सारी अफवाहों को खत्म कर दिया। उन्होंने यह साफ कर दिया है कि अगर दो खिलाड़ियों के बीच वैचारिक मतभेद हैं भी तो उनके बीच कोई झगड़ा नहीं होता। धोनी ने 2014 में टेस्ट क्रिकेट से संन्यास ले लिया था और अब वह केवल वनडे और टी20 की कप्तानी करते हैं। 15 जनवरी से इंग्लैंड के खिलाफ तीन मैचों की वनडे सीरीज में वह एक बार फिर भारतीय टीम की कप्तानी करते नज़र आएंगे।