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मौजूदा टीम इंडिया में अपने स्वार्थ को भुलाकर युवा खिलाड़ियों की मदद करने वाले सीनियर नहीं : गंभीर
पूर्व सलामी बल्लेबाज गौतम गंभीर ने पिछले साल अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास लेकर राजनीति में कदम रखा।
Published On Apr 12, 2020, 10:41 AM IST
Last UpdatedApr 12, 2020, 10:41 AM IST
अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास ले चुके भारतीय टीम के स्टार बल्लेबाज युवराज सिंह (Yuvraj Singh) ने हाल ही में ये बयान दिया था कि मौजूदा टीम इंडिया (Team India) के युवा खिलाड़ी अपने सीनियर्स का उतना सम्मान नहीं करते जैसे उनके समय के खिलाड़ी किया करते थे। अब पूर्व भारतीय सलामी बल्लेबाज गौतम गंभीर (Gautam Gambhir) ने भी युवराज से सहमति जताई है।
स्टार स्पोर्ट्स के ‘क्रिकेट कनेक्टेड’ शो पर कहा गंभीर ने कहा, ‘‘मैं युवराज से सहमत हूं कि मौजूदा भारतीय टीम में आदर्श खिलाड़ियों की कमी है। जैसे 2000 में हमारे सामने टीम का मार्गदर्शन करने के लिए द्रविड़, कुंबले, लक्ष्मण, सौरव और सचिन जैसे खिलाड़ी थे।’’
युवराज की बात से सहमत गंभीर ने ये भी कहा कि मौजूदा टीम इंडिया में ऐसे सीनियर खिलाड़ी भी नहीं हैं जो युवाओं की ठीक से मदद कर सकें। जैसे कि उनके समय में सौरव गांगुली (Sourav Ganguly), सचिन तेंदुलकर (Sachin Tendulkar), अनिल कुंबले (Anil Kumble), राहुल द्रविड़ (Rahul Dravid) और वीवीएस लक्ष्मण (VVS Laxman) जैसे खिलाड़ी किया करते थे।
गंभीर ने कहा, ‘‘आपके साथ सीनियर खिलाड़ियों का होना भी अहम है जो मुश्किल दौर में आपकी मदद कर सकते हैं। इस समय मुझे नहीं लगता कि भारतीय खेमे में ज्यादा सीनियर खिलाड़ी मौजूद हैं जो अपने निजी हितों को अलग रखकर युवाओं की मदद करेंगे।’’
युवराज और गंभीर दोनों ही साल 2011 में वनडे विश्व कप जीतने वाली भारतीय टीम का अहम हिस्सा थे। गंभीर ने उस टूर्नामेंट में खेले 9 मैचों में 43.66 की औसत से 393 रन बनाए थे, जिसमें फाइनल मैच में श्रीलंका के खिलाफ खेली 97 रनों की मैचविनिंग पारी भी शामिल थी। वहीं मैन ऑफ द टूर्नामेंट रहे युवराज सिंह ने ना केवल 9 मैचों में 362 रन बनाए बल्कि 15 विकेट भी लिए।