गौतम गंभीर © AFP
गौतम गंभीर © AFP

भारतीय क्रिकेटर गौतम गंभीर जो समय- समय पर भारतीय सेना के लिए अपनी आवाज बुलंद करते रहते हैं उन्होंने सोमवार को छत्तीसगढ़ में माओवादियों के द्वारा मार दिए गए 25 सीआरपीएफ जवानों के बच्चों के पूरे खर्चे को उठाने की बात कही है। गंभीर ने घोषणा की है कि वह यह मदद अपनी गौतम गंभीर फाउंडेशन के माध्यम से देंगे। और उसके लिए शुरुआती कदम उनके द्वारा पहले से ही उठाए जा चुके हैं। टीम इंडिया के सलामी बल्लेबाज, गंभीर जो मौजूदा समय में आईपीएल की टीम कोलकाता नाइटराइडर्स के कप्तान हैं उन्होंने कहा कि वह नरसंहार और दो अखबारों में दो सीआरपीएफ जवानों की दुखी बेटियों की तस्वीर देखकर दहल गए और भीतर से खोखला महसूस करने लगे।

हिंदुस्तान टाइम्स को लिए एक कॉलम में गंभीर ने लिखा है, “बुधवार सुबह, मैंने अखबार उठाया और हाल ही में हमले में मारे गए दो सीआरपीएफ जवानों की बेटियों की दिल को पसीजने वालीं तस्वीरें देखीं। एक तस्वीर में बेटी अपने पिता को सलाम कर रही थी वहीं दूसरी तस्वीर में बिलखती हुई बेटी को उसके सगे- संबंधी सांत्वना दे रहे थे।”

कोलकाता नाइटराइडर्स के खिलाड़ियों ने पुणे सुपरजायंट के खिलाफ बुधवार को खेले गए मैच में बाहों में काली पट्टियां भी बांधीं और हमले में मरने वाले सीआरपीएफ जवानों के लिए अपनी ओर से सम्मान व्यक्त किया। उन्होंने लिखा है, “गौतम गंभीर फाउंडेशन इन सभी शहीदों के बच्चों के पढ़ाई के सभी खर्चों का ख्याल रखेगी। मेरी टीम ने पहले से ही इस पर काम करना शुरू कर दिया है। और मैं जल्द ही इसकी उन्नति के बारे में बताउंगा।”[ये भी पढ़ें: गुजरात लायंस बनाम रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर मैच की 5 खास बातें(मैच की हाईलाइट्स)]

गंभीर ने बताया कि छत्तीसगढ़ में हमले के बाद मैच में जाकर ध्यान लगाना कठिन था। उन्होंने इस मैच में अर्धशतक लगाया और रॉबिन उथप्पा के साथ दूसरे विकेट के लिए शतकीय साझेदारी निभाई। गंभीर ने बताया कि इस जीत ने केकेआर को टीम रैंकिंग में नंबर 1 बना दिया है यह टीमवर्क और निस्वार्थता के कारण हो पाया। उन्होंने कहा, “इसका कारण एक ही है कि मैं सेना को पसंद करता हूं, लेकिन देश की सेवा करते हुए अपने सगे- संबंधियों को खोने की तुलना क्रिकेट मैच हारने से कभी नहीं की जा सकती।”