पार्थिव पटेल ने शानदार 105 रन बनाए © PTI (File Photo)
पार्थिव पटेल ने शानदार 105 रन बनाए © PTI (File Photo)

बैंगलुरू। कप्तान पार्थिव पटेल (105) की शतकीय पारी और गेंदबाज जसप्रीत बुमराह (28-5) की धारदार गेंदबाजी के दम पर गुजरात ने सोमवार को एम. चिन्नास्वामी स्टेडियम में हुए फाइनल मुकाबले में दिल्ली को 139 रनों से रौंदते हुए विजय हजारे ट्रॉफी जीत ली। टॉस हारकर बल्लेबाजी करने उतरी गुजरात की टीम ने पार्थिव, रूजुल भट (60) और चिराग गांधी (44) की बदौलत निर्धारित 50 ओवरों में सारे विकेट खोकर 273 रनों का चुनौतीपूर्ण स्कोर खड़ा किया। इसके बाद लक्ष्य का पीछा करने उतरी दिल्ली अपने स्टार बल्लेबाजों शिखर धवन (5) और कप्तान गौतम गंभीर (9) के फ्लॉप शो के कारण 32.3 ओवरों में 134 रनों पर ढेर हो गई। फुल अपडेट: विजय हजारे ट्रॉफी 2015-16, दिल्ली बनाम गुजरात, फाइनल बैंगलुरू 

दिल्ली के लिए पवन नेगी (57) ने सर्वोच्च पारी खेली। उन्मुक्त चंद दूसरे सर्वोच्च स्कोरर रहे, हालांकि वह भी सिर्फ 33 रनों की ही योगदान दे सके। राष्ट्रीय टीम के लिए खेल चुके उत्तर प्रदेश के तेज गेंदबाज आर. पी. सिंह ने पहली ही गेंद पर ऋषभ पंत को चलता किया और 11 के कुल योग पर धवन को भी पवेलियन की राह दिखा दी। शुरुआत में ही दो विकेट गंवा चुकी दिल्ली इसके बाद कभी भी उबर नहीं पाई। ये भी पढ़ें: 2 सितंबर 2016 को रिलीज होगी ‘एम एस धोनी: द अनटोल्ड स्टोरी’

दिल्ली के लिए सबसे बड़ी साझेदारी 10वें विकेट के लिए नेगी और नवदीप सैनी के बीच 34 रनों की रही, हालांकि इस साझेदारी में सैनी ने सिर्फ एक गेंद का सामना किया और खाता भी नहीं खोल सके। गंभीर के रूप में दिल्ली का तीसरा विकेट भी आर. पी. सिंह ने ही चटकाया। आर. पी. सिंह ने जहां शुरुआती झटकों से दिल्ली की कमर तोड़ दी, वहीं इसके बाद बुमराह ने विकेटों का पतझड़ लगा दिया और पांच विकेट चटका डाले। आर. पी. सिंह ने भी कुल चार विकेट हासिल किए। इससे पहले गुजरात के लिए सलामी बल्लेबाज पार्थिव ने रुजुल भट के साथ तीसरे विकेट के लिए 149 रनों की साझेदारी कर टीम को बेहद मजबूत स्थिति में पहुंचा दिया। पार्थिव ने 119 गेंदों की अपनी शतकीय पारी में 10 चौके लगाए। भट्ट ने भी 74 गेंदों का सामना करते हुए चार चौके और एक छक्का लगाया। मध्यक्रम में रुष कलारिया (21) ने 20 गेंदों में एक चौका और एक छक्का लगाया। पार्थिव और आर. पी. सिंह को संयुक्त रूप से मैन ऑफ द मैच चुना गया।