'हमारे पंजाब में कुछ भी नहीं...', नेशनल रिकॉर्ड बनाने वाले गुरिंदरवीर सिंह ने खोल दी खेल सिस्टम की पोल!
नेशनल फेडरेशन कप 2026 में 100 मीटर की दौड़ को 10.9 सेकेंड में पूरा करके नया नेशनल रिकॉर्ड बनाने वाले गुरिंदरवीर सिंह इस समय पूरे देश में चर्चा का विषय बने हुए हैं.
Published On May 25, 2026, 11:34 PM IST
Last UpdatedMay 25, 2026, 11:34 PM IST
रांची में खेले गए नेशनल फेडरेशन कप 2026 में पंजाब के गुरिंदरवीर सिंह ने इतिहास रच दिया. उन्होंने 100 मीटर की दौड़ को सिर्फ 10.9 सेकेंड में खत्म करके नया नेशनल रिकॉर्ड बना दिया. इसके बाद गुरिंदरवीर सिंह पूरे देश में चर्चा का विषय बन गए हैं. गुरिंदरवीर ने 100 मीटर की दौड़ को 10.9 सेकेंड में पूरा किया. जोकि विश्व रिकॉर्ड धारक उसैन बोल्ट से केवल 0.51 सेकेंड कम है. उनके इस जीत के बाद पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान, शिरोमणि अकाली दल के अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल और कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष राजा सिंह वड़िंग जैसे पंजाब के तमाम बड़े नेताओं ने सोशल मीडिया पर उन्हें बधाइयां दीं.
मगर इस खुशी के पीछे एक ऐसी कड़वी सच्चाई है. जो शायद पंजाब के लोगों को भी पता नहीं होगी. गुरिंदरवीर सिंह इस टूर्नामेंट में पंजाब नहीं बल्कि रिलायंस फाउंडेशन की तरफ से खेल रहे थे. जो पंजाब सरकार के खेल दावों पर गंभीर सवाल खड़े करती है.
भावुक हुए गुरिंदरवीर सिंह
नेशनल फेडरेशन कप 2026 में नया नेशनल रिकॉर्ड बनाने वाले गुरिंदरवीर सिंह ने ‘डाइट ऑफ चैंपियंस’ पॉडकास्ट में बात करते हुए कहा कि सच बात तो यह है कि हमारे पंजाब में (सुविधाओं के नाम पर) कुछ भी नहीं है. हम ओडिशा जैसे राज्यों से अपनी तुलना भी नहीं कर सकते, हम उनके आस-पास भी नहीं हैं. छोड़िए, हमारे पास तो पंचकूला जैसा एक नेशनल लेवल का सेंटर भी नहीं है. जब सुविधाएं ही नहीं हैं, तो हम ओलंपिक मेडल की उम्मीद कैसे कर सकते हैं. गुरिंदरवीर पंजाब के जालंधर जिले के रहने वाले हैं. जिसे पंजाब का स्पोर्ट्स हब माना जाता है. जिसका ट्रैक साल 2022 से उखड़ा हुआ है.
रिलायंस फाउंडेशन से जुड़े गुरिंदरवीर
पंजाब में गुरिंदरवीर सिंह को वर्ल्ड-क्लास इनडोर और आउटडोर ट्रैक और ट्रेनिंग सुविधाएं नहीं मिल पा रही थी.जिसकी वजह से उनको रिलायंस फाउंडेशन की तरफ रुख करना पड़ा. लगातार अच्छे प्रदर्शन के बाद गुरिंदरवीर रिलायंस फाउंडेशन से जुड़े और मुंबई पहुंच गए. वो नेशनल फेडरेशन कप 2026 में रिलायंस फाउंडेशन की ओर से ही खेले.जिसके बारे में भारत में काफी कम लोगों को ही पता है.