सचिन तेंदुलकर-विराट कोहली © Getty Images
सचिन तेंदुलकर-विराट कोहली © Getty Images

आपने क्रिकेट के मैदान पर बाएं हाथ और दाएं हाथ से गेंदबाजी करने वाले कई गेदंबाज देखें होंगे। अब तो दोनों हाथ से गेंद डालने वाले गेंदबाज भी इस खेल में अपनी जगह बना रहे हैं। वहीं एक ऐसा भी खिलाड़ी है जो बिना एक हाथ के ही गेंदबाजी और बल्लेबाजी करता है। विकलांग खिलाड़ियों की भारतीय क्रिकेट टीम के ऑलराउंडर गुरुदास राउत ऐसे करिश्माई गेंदबाज हैं जिन्होंने क्रिकेट के भगवान सचिन तेंदुलकर को भी आउट किया है और अब वह टीम इंडिया के मौजूदा कप्तान विराट कोहली को गेंदबाजी करना चाहते हैं।

राउत के लिए क्रिकेटर बनने का सफर बहुत कठिन था। बायां हाथ ना होने की वजह से बचपन से ही हर कोई उनका मजाक उड़ाता था लेकिन इससे उनका हौसला टूटा नहीं। राउत से ठान लिया कि वह अपनी इस कमजोरी को अपनी ताकत बनाएंगे। वह दाएं हाथ से ही गेंदबाजी और बल्लेबाजी करते हैं। राउत ने नेट में गेंदबाजी करते हुए सचिन तेंदुलकर को आउट किया है। साथ ही उन्होंने 2011 में बड़ौदा में अभ्यास कैंप के दौरान तेज गेंदबाज इरफान पठान की गेंद पर बाउंड्री भी लगाई है। हिंदुस्तान टाइम्स से बातचीत के दौरान राउत ने बताया कि टीवी पर मैच देखकर उन्होंने क्रिकेट खेलने का फैसला किया। [ये भी पढ़ें: जब टॉम अल्टर ने 15 साल के सचिन तेंदुलकर का पहला इंटरव्यू लिया]

उन्होंने बताया कि, “लोग मुझसे कहते थे कि तू विकलांग है, घर पर बैठ वर्ना दूसरा हाथ भी जाएगा। मुझे थोड़ा समय जरूर लगा लेकिन आखिर मुझे समझ आ गया कि कोई मुझे रोक नहीं सकता। अच्छा यही होगा कि मैं इन बातों पर ध्यान ना दूं।” महाराष्ट्र के रहने वाले राउत ने साल 2006 में अपने राज्य की टीम में जगह बनाई थी। उन्हें उम्मीद है कि कल यानि कि 1 अक्टूबर को नागपुर में होने वाले भारत बनाम ऑस्ट्रेलिया पांचवें वनडे से पहले वह विराट कोहली को नेट में गेंदबाजी कर सकेंगे।