Had ms dhoni given me a chance my career would have been different says ishwar pandey

नई दिल्ली: मध्य प्रदेश के तेज गेंदबाज ईश्वर पांडे ने क्रिकेट से संन्यास का ऐलान कर दिया। उनकी उम्र महज 33 साल थी। पांडे को साल 2014 में भारतीय टीम के लिए चुना गया लेकिन वह प्लेइंग इलेवन का हिस्सा नहीं बन पाए। इस बात मलाल उन्हें आज भी है। इसी साल रणजी ट्रॉफी जीतने वाली मध्य प्रदेश की टीम का हिस्सा रहे पांडे ने कहा कि अगर तब के कप्तान महेंद्र सिंह धोनी ने उन पर भरोसा जताया होता तो शायद उनका करियर अलग होता।

भारत के सबसे कामयाब कप्तानों में शामिल महेंद्र सिंह धोनी (MS Dhoni) ने अपनी कप्तानी में कई खिलाड़ियों को सुपरस्टार बनाया लेकिन इस चेन्नई सुपर किंग्स के इस पूर्व पेसर का मानना है कि अगर धोनी ने उन पर भरोसा जताया होता तो वह इंटरनैशनल क्रिकेट में काफी कुछ हासिल कर सकते थे। सोमवार को क्रिकेट के सभी फॉर्मेट से संन्यास लेने वाले इस पेसर ने अपने दिल का दर्द बयां किया। सोमवार को सभी फॉर्मेट से अपने संन्यास का ऐलान कर दिया. 33 वर्षीय पांडे ने इस मौके पर अपने दिल का दर्द भी बयां करने से खुद को नहीं रोक पाए.

पांडे ने कहा कि उनके पास भारत की जर्सी पहनने का मौका साल 2014 में मौका आया था, जब न्यूजीलैंड दौरे पर टेस्ट सीरीज के लिए भारतीय टीम में उनका चयन हुआ था. लेकिन वह अंतिम 11 का हिस्सा नहीं बन पाए. इस तेज गेंदबाज ने कहा कि अगर तब धोनी ने उन पर थोड़ा सा और भरोसा दिखाया होता और कुछ मौके दिए होते तो उनका करियर एक अलग अंदाज में दिखाई दे सकता था.

इस पूर्व तेज गेंदबाज ने अपने संन्यास के बाद दैनिक जागरण से बात करते हुए कहा, ‘अगर धोनी ने मौका दिया होता, तो मेरा करियर अलग हो सकता था. तब मैं 23-24 साल का था और मेरी फिटनेस भी बहुत शानदार थी. अगर धोनी ने मुझे मौका दिया होता तो मैं भी देश के लिए शानदार खेल दिखाता. निश्चित रूप से मेरा करियर तब अलग होता.’

पांडे ने अपने करियर का आखिरी प्रथम श्रेणी मैच इस साल केरल के खिलाफ मार्च में खेला था. उन्होंने अपना करियर 75 प्रथम श्रेणी मैच खेलकर 263 विकेटों के साथ खत्म किया. टी20 फॉर्मेट में उन्होंने 71 मैच खेलकर 68 विकेट अपने नाम किए. यह खिलाड़ी पहली बार रणजी चैंपियन बनी मध्य प्रदेश टीम का भी हिस्सा रहा. उन्होंने आईपीएल में चेन्नई सुपर किंग्स (CSK) और राइजिंग पुणे सुपरजायंट्स का भी प्रतिनिधित्व किया.