Hamilton Masakadza: Happy that I have pretty much done what the team needed from me to do
हैमलिस्टन मसाकाद्जा (AFP)

अफगानिस्तान के खिलाफ शानदार जीत के साथ जिम्बाब्वे के कप्तान हैमिल्टन मसाकाद्जा ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास ले लिया है। आखिरी मैच में मसाकाद्जा ने 71 रन की शानदार पारी खेलकर जिम्बाब्वे को 7 विकेट से जीत दिलाई। मसाकाद्जा ने अपनी इस पारी को बेहद खास बताया क्योंकि वो टीम की जीत में योगदान दे सके।

उन्होंने कहा, “ये पारी बेहद खास थी। साथ ही जिस तरह से उन्होंने गेंदबाजी की और हमें पता था कि हमें अच्छी शुरुआत की जरूरत थी। हमें पता था कि अगर हमें अच्छी शुरुआत मिल गई तो हमारे पास जीतने का मौका होगा। मैंने इस टूर्नामेंट में कई अच्छी शुरुआत हासिल की लेकिन आगे नहीं बढ़ पाया। टीम को जीत तक ले जाना बेहद खास था और वो भी मेरे आखिरी मैच में, साथ ही पहली बार अफगानिस्तान को हराना खास था।”

मसाकाद्जा जब बल्लेबाजी के लिए उतरे तो जिम्बाब्वे टीम के खिलाड़ियों ने अपने कप्तान को गार्ड ऑफ ऑनर दिया। मसाकाद्जा के लिए वो ना भुलाने वाला पल था। इस बारे में उन्होंने कहा, “लड़कों ने जब मेरे लिए गार्ड ऑफ ऑनर बनाया तो उस समय मैं बेहद खास एहसास से गुजर रहा था। मुझे लगा था कि वो मैच खत्म होने के बाद करेंगे। उनके लिए ऐसा करना जब मैं बल्लेबाजी करने जा रहा था, बेहद खास था।”

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मसाकाद्जा ने आगे कहा, “जाहिर तौर पर मैं कई सारी भावनाएं महसूस कर रहा था। आखिर में, मुझे इस बात की खुशी है कि मैं वो काम कर सका, जिसकी टीम को मुझसे उम्मीद थी- अफगानिस्तान को जीत के लिए चुनौती देने के लिए उन्हें सही स्थिति में लाना- और मैं इससे बहुत खुश हूं।”

18 साल के लंबे करियर के बाद क्रिकेट को अलविदा कहना किसी भी खिलाड़ी के लिए भावुक होगा। मसाकाद्जा भी अपने आंसू नहीं रोक पाए। मैच की सुबह जब बतौर कप्तान आखिरी बार टीम से बात करने आए तो उनकी आंख भर आई।

मसाकाद्जा ने कहा, “सुबह जब मैं लड़कों से बात करने आया तो मेरी आंख भर आई। मैं बहुत भावुक शख्स नहीं हूं लेकिन मैं ये कहूंगा ये (संन्यास) एक ऐसी चीज है जो मेरे अंदर की भावनाओं को बाहर लाई। यहां तक कि जब मैं आधिकारिक घोषणा से पहले अपने साथी खिलाड़ियों और टीम को इस बारे में बता रहा था तो मैं मुश्किल से तीन वाक्य बोल पाया इसलिए ये मेरे लिए बेहद भावुक था।”

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मसाकाद्जा ने कहा कि वो अपने करियर से संतुष्ट हैं और उन्हें किसी भी बात का पछतावा नहीं है। उन्होंने कहा, “मैं बहुत सारी भावनाओं से गुजर रहा हूं लेकिन पछतावा उनमें से एक नहीं है। मेरा समर्थन करने और मुझे इतने समय तक खेलने का मौका देने के लिए मैं अपने परिवार और बोर्ड का शुक्रगुजार हूं और मैं अपने साथी खिलाड़ियों का भी शुक्रिया अदा करना चाहूंगा। ये मौका किसी और के मेरी जगह लेने का है। हमारे पास कई अच्छे खिलाड़ी हैं जो सलामी बल्लेबाज के स्पॉट पर आने के लिए तैयार हैं। टीम में अब भी अनुभव है और मुझे पूरा यकीन है कि कोई आगे आकर इस मौके का फायदा उठाएगा।”