Hamilton Masakadza to retire after Bangladesh Tri-series
Hamilton Masakadza @twitter

जिम्बाब्वे क्रिकेट टीम के कप्तान हैमिल्टन मासाकाद्जा ने क्रिकेट के सभी फॉर्मेट से संन्यास की घोषणा की है। मासाकाद्जा बांग्लादेश और अफगानिस्तान के साथ आगामी टी-20 ट्राई सीरीज के बाद इंटरनेशनल क्रिकेट को अलविदा कह देंगे।

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दाएं हाथ के इस अनुभवी बल्लेबाज ने अपना इंटरनेशनल करियर 2001 में शुरू किया था। उन्होंने अपने डेब्यू टेस्ट में ही शतक जड़कर अपनी छाप छोड़ दी थी। ये शतक उन्होंने वेस्टइंडीज के खिलाफ लगाया था।

इसके बाद मासाकाद्जा ने पीछे मुड़कर नहीं देखा। डेब्यू टेस्ट में शतक बनाने के बाद मैन ऑफ द मैच चुने गए मासाकाद्जा ने खुद को एलीट खिलाड़ियों की लिस्ट में शामिल कर लिया। वो टेस्ट में शतक लगाने वाले युवा खिलाड़ी भी बने। हालांकि बाद इस में इस रिकॉर्ड को बांग्लादेश के मोहम्मद अशरफुल ने तोड़ दिया था।


मासाकाद्जा ने जिम्बाब्वे की ओर से 38 टेस्ट मैच खेले हैं। हालांकि उनकी असली रूप लिमिटेड ओवर में ही देखने को मिला है। जिम्बाब्वे की ओर से सबसे अधिक वनडे खेलने के मामले में मासाकाद्जा फ्लावर बंधुओं और एल्टन चिगुंबुरा के बाद चौथे नंबर पर हैं।

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मासाकाद्जा ने 209 वनडे में 5,658 रन बनाए हैं। जिम्बाब्वे की ओर से वनडे में सबसे अधिक रन बनाने के मामले में मासाकाद्जा चौथे नंबर पर हैं। मासाकाद्जा को फरवरी में कप्तानी दी गई थी। जुलाई में आईसीसी की ओर से जिम्बाब्वे क्रिकेट को बैन किए जाने के बाद मासाकाद्जा ने देश के खेल मंत्री को चिट्ठी लिखकर इसमें हस्तक्षेप की मांग की थी।

62 टी-20 इंटरनेशनल मैच खेल चुके हैं

मासाकाद्जा 62 टी-20 इंटरनेशनल मैचों में 10 अर्धशतकों के साथ 1529 रन बना चुके हैं। इस दौरान उनका स्ट्राइक रेट 115 से अधिक रहा है। आईसीसी के बैन के बाद मासाकाद्जा रिटायरमेंट की घोषणा करने वाले जिम्बाब्वे के दूसरे खिलाड़ी हैं। इससे पहले सोलोमन मिरे ने भी जुलाई में संन्यास की घोषणा की थी।