Hanuma Vihari dedicates maiden Test ton to late father: I hope he’s proud
हनुमा विहारी (BCCI)

जमैका टेस्ट में 111 रनों की शानदार पारी खेलने वाले भारतीय बल्लेबाज हनुमा विहारी ने पहला टेस्ट शतक अपने पिता को समर्पित किया है। विहारी के दिवंगत पिता उन्हें अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट खेलते नहीं देख सके लेकिन इस खिलाड़ी को उम्मीद है अपने बेटे पर गर्व होगा।

दूसरे दिन का खेल खत्म होने के बाद मीडिया के सामने आए विहारी ने कहा, “बेहद खुश हूं कि पहला टेस्ट शतक बना पाया। लंच तक मैं 84 रन पर था और मुझे शतक बनाने में काफी समय लगा। गेंदबाजों को श्रेय जाता है, उन्होंने अच्छी गेंदबाजी की। ये काफी चुनौतीपूर्ण था और मैं इससे खुश हूं।”

विहारी ने आगे कहा, “जब मैं 12 साल का था तो मेरे पिता का देहांत हो गया था। इसलिए मैंने सोचा था कि जब अपना पहला अंतरराष्ट्रीय शतक बनाऊंगा तो उसे पिता को समर्पित करूंगा। आज एक भावुक दिन है और मुझे उम्मीद है कि उन्हें मुझपर गर्व होगा।”

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इंग्लैंड के खिलाफ ओवल में टेस्ट डेब्यू करने के बाद से विहारी विदेशी धरती पर ही खेल रहे हैं। विहारी ने अब तक भारत के लिए 6 टेस्ट मैच खेले हैं और सभी भारत से बाहर ही आयोजित हुए हैं। घरेलू स्थितियों से बाहर जाकर खेलने किसी भी बल्लेबाज के लिए मुश्किल होता है, हालांकि विहारी का कहना है कि उन्हें इस तरह की चुनौतियां पसंद हैं।

उन्होंने कहा, “ये चुनौतीपूर्ण रहा है क्योंकि मेरे सारे टेस्ट मैच बाहर खेले गए हैं। मैं उस तरह का शख्स हूं जो कि चुनौतियों को पसंद करता है। बाहर खेलने एक मुश्किल चुनौती है और मैं अपनी टीम के लिए इसे स्वीकार करना चाहता हूं। मैं खुश हूं कि मैं सही दिशा में जा रहा हूं।”