'आखिरी टेस्ट पारी में एलिस्टर कुक का विकेट लेना मेरे लिए यादगार लम्हा'

भारतीय क्रिकेटर हनुमा विहारी ने कुक के आखिरी टेस्ट मैच में अपना अंतर्राष्ट्रीय डेब्यू किया था।

Edited By : Cricket Country Staff |Sep 21, 2018, 07:17 PM IST

Published On Sep 21, 2018, 07:17 PM IST

Last UpdatedSep 21, 2018, 07:17 PM IST

Hanuma Vihari (IANS)

भारतीय क्रिकेटर हनुमा विहारी को इंग्लैंड के खिलाफ आखिरी टेस्ट मैच से अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट में कदम रखने का मौका मिला। ओवल में खेला गया ये मैच इंग्लैंड के दिग्गज एलिस्टर कुक का आखिरी मैच था। विहारी ने इस मैच की दोनों पारियों में कुल तीन विकेट लिए लेकिन कुक का विकेट उनके करियर का सबसे यादगार विकेट बन गया।

विहारी ने इंग्लैंड की दूसरी पारी (कुक की आखिरी टेस्ट पारी) में 147 रन बना चुके कुक को ऋषभ पंत के हाथों कैच कराया। हनुमा ने इंग्लैंड के लिए सबसे अधिक रन बनाने वाले कुक के इस विकेट को ‘यादगार पल’ बताया और कह कि वह इस पल को जिंदगी भर नहीं भूल पाएंगे। विहारी ने आईएएनएस से फोन पर बातचीत में कहा, “मुझे कुक से बात करने का मौका नहीं मिला, लेकिन उनकी आखिरी टेस्ट पारी में उनका विकेट लेना मेरे लिए यादगार लम्हा है। मैं इस लम्बे को ताउम्र याद रखूंगा।”

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विहारी ने ओवल टेस्ट में ना केवल अच्छी गेंदबाजी की बल्कि मुश्किल समय में बल्ले से भी शानदार प्रदर्शन किया। मैच की पहली पारी में विहारी के अर्धशतक और रविंद्र जडेजा के साथ उनकी साझेदारी की मदद से भारत 292 के स्कोर तक पहुंच सका था। इस बारे में उन्होंने कहा, “मैं बस स्थिति के हिसाब से खेलने के बारे में सोच रहा था। मेरे दिमाग में था कि मुझे शुरुआती पलों में विकेट पर पैर जमाने हैं और फिर कुछ साझेदारियां करनी हैं, जिससे टीम को मदद मिले।”

24 साल के इस खिलाड़ी ने कहा, “मैंने विराट और जडेजा के साथ साझेदारियां भी कीं, जिससे टीम को मदद मिली। मेरे लिए यह अच्छा अनुभव रहा। पहली बार इंग्लैंड में खेल रहा था। वो भी इतने अच्छे गेंदबाजी आक्रमण के सामने। इससे मेरा आत्मविश्वास बढ़ा। एंडरसन और ब्रॉड जैसे गेंदबाजों को खेलने में परेशानी हुई। मुझे हालात के साथ तालमेल बिठाने में थोड़ा समय लगा, लेकिन जब एक बार मैंने अपने पैर जमा लिए थे तब मैंने उन दोनों को अच्छा खेला।”

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