शिखर धवन और एम एस धोनी © Getty Images
शिखर धवन और एम एस धोनी © Getty Images

टीम इंडिया के धुरंधर बल्लेबाज और बेहतरीन फॉर्म में चल रहे शिखर धवन ने खुलासा किया है और बताया है कि जब उन्हें टीम इंडिया से बाहर कर दिया गया था तो उन्हें कैसा लग रहा था। उन्होंने ये भी माना कि बाहर होने के बाद उन्होंने काफी कुछ सीखा। धवन ने कहा, ”जब मैं अच्छा नहीं कर पा रहा था तो मुझे ये महसूस हो गया था कि अगर मैं अच्छा नहीं खेलूंगा तो टीम से बाहर कर दिया जाऊंगा। मैं समझ गया था कि मेरी जगह खतरे में हैं। मुझे एहसास हो गया था कि अगर मैं एक बार टीम से बाहर हुआ तो फिर वापसी की राह मुश्किल हो जाएगी।” ये भी पढ़ें: बांग्लादेशी क्रिकेटर अब्दुर रज्जाक के कार एक्सीडेंट के बाद अब आई ये बड़ी खबर

धवन ने आगे कहा, ”मैं टीम से बाहर हो गया, मैं अच्छा नहीं कर पा रहा था और मुझे इसकी संभावना थी लेकिन मैंने हार नहीं मानी और घरेलू मैचों में अच्छा प्रदर्शन किया। मैंने सोच लिया था कि घरेलू मैचों में अच्छा खेलकर ही मैं भारतीय टीम में वापसी कर सकता हूं।” धवन ने साल 2010 में अपने डेब्यू को याद करते हुए कहा, ”उस समय वीरेंद्र सहवाग और गौतम गंभीर अपने खेल के शिखर पर थे, वो उनका समय था। मुझे मौका मिला लेकिन मैंने ये कभी नहीं सोचा था कि सहवाग को टीम से बाहर कर दिया जाएगा। ये किसी के साथ भी हो सकता है और मेरे साथ भी ऐसा ही हुआ।” 

आखिरकार साल 2016 में धवन को टेस्ट टीम में वापसी का मौका मिला और उन्हें भारतीय टीम में चुन लिया गया। धवन ने आगे कहा, ”जब मुझे टेस्ट टीम में चुना गया तो मुझे लगा कि जैसे मैं कोई युवा खिलाड़ी हूं और टीम इंडिया का दरवाजा खटखटा रहा हूं। आईपीएल से पहले मैंने सिर्फ 1 शतक और 46 रनों की पारी ही खेली थी। दिल्ली की तरफ से घरेलू वनडे मैचों में मेरा प्रदर्शन बिल्कुल भी अच्छा नहीं था और इसलिए मैं काफी परेशान था। मैं काफी मेहनत कर रहा था लेकिन इसके बावजूद मुझे मेरी मेहनत का सही फल नहीं मिल पा रहा था लेकिन इसके बाद देओधर ट्रॉफी आई और उसमें मैंने शानदार खेल दिखाया और यहीं से मेरा विश्वास वापस लौटा। मुझे पता है टीम इंडिया में शामिल होने के लिए कड़ी प्रतिसपर्धा है जो कि कभी खत्म नहीं होगी। अगर कभी कोई मुझसे आगे निकल जाएगा तो मैं दोबारा उससे आगे निकलूंगा।” ये भी पढ़ें: श्रीलंका के 11 खिलाड़ियों पर मंडराया बाहर होने का खतरा

आपको बता दें कि वापसी के बाद से धवन ने पीछे मुड़कर नहीं देखा है और लगातार बड़ी पारियां खेलीं हैं। धवन ने चैंपियंस ट्रॉफी में भी शानदार खेल दिखाया था और उन्होंने 69 के औसत के साथ कुल 338 रन बनाए थे, जिसमें 1 शतक भी शामिल था। वेस्टइंडीज दौरे पर भी धवन का धमाकेदार प्रदर्शन जारी है और इस दौरे पर उन्होंने अब तक 2 मैचों में (87, 63) का स्कोर किया है।