Harbhajan Singh can’t understand the parameters used by selection committee for picking national squad
Harbhajan Singh © PTI

वेस्टइंडीज के खिलाफ टेस्ट सीरीज से करुण नायर को बाहर किए जाने का फैसला क्रिकेट समीक्षकों और पूर्व खिलाड़ियों के गले नहीं उतर रहा है। भारतीय टीम के सीनियर स्पिन गेंदबाज हरभजन सिंह ने चयनसमिति की चयन प्रक्रिया पर सवाल उठाए हैं। हरभजन ने पीटीआई को दिए बयान में कहा कि वो भारतीय स्क्वाड चुनने के इस अजीब तरीके को नहीं समझ पा रहे हैं।

हरभजन ने कहा, “ये एक रहस्य है जिसे सुलझाना बाकी है। आखिर कोई शख्स जो कि तीन महीने से बेंच पर बैठा है, इतने खराब फॉर्म में कैसे हो सकता है कि आप उसे स्क्वाड में ही ना चुने। भरोसा करें, मुझे इन मानकों को समझने में तकलीफ हो रही है, जिससे ये राष्ट्रीय स्क्वाड चुनते हैं।”

टेस्ट क्रिकेट में 700 से ज्यादा विकेट ले चुके हरभजन ने चयनकर्ताओं पर भेदभाव का आरोप लगाया। उन्होंने बयान दिया, “मुझे लगता है कि अलग खिलाड़ियों के लिए अलग नियम हैं। कुछ खिलाड़ियों को सफल होने के लिए लंबे समय तक मौके दिए जा रहे हैं और बाकियों को असफल होने तक के लिए मौके नहीं मिल रहे है। ये सही नहीं है।”

हरभजन ने आगे कहा, “अगर हनुमा विहारी वेस्टइंडीज के खिलाफ दोनों टेस्ट मैचों में फेल होता है तो? वैसे मैं ऐसा कभी नहीं चाहूंगा, मैं उसे शुभकामनाएं देता हूं। लेकिन अगर ऐसा होता है तो क्या आप नायर का रुख करेंगे लेकिन क्या वो ऑस्ट्रेलिया दौरे के लिए आत्मविश्वास के साथ तैयार हो पाएगा?”

इस सीनियर खिलाड़ी ने चयनसमिति और टीम मैनेजमेंट के बीच के विवाद के बारे में बात करते हुए कहा, “अगर टीम मैनेजमेंट करुण नायर को पांच टेस्ट मैच नहीं खिलाता है, तो इसका मतलब है कि नायर उन्हें भरोसा नहीं दिला पाया। मेरा सवाल ये है कि क्या चयनकर्ता करुण को इंग्लैंड सीरीज के लिए चुनने से पहले कप्तान को मना पाए थे? अगर नहीं को क्या उन्होंने उस नाम पर गंभीरता से विचार किया था जो टीम मैनेजमेंट के दिमाग में था।”