भारतीय क्रिकेट के दिग्गज राहुल द्रविड़ (Rahul Dravid) ने हाल ही में ये बयान दिया था कि केवल डे-नाइट फॉर्मेट में मैच करा टेस्ट क्रिकेट को पूरी तरह से नहीं बचाया जा सकता है। अब एक और भारतीय क्रिकेटर ने द्रविड़ की बात से सहमति जताई है। सीनियर स्पिनर हरभजन सिंह (Harbhajan Singh) ने अपने साथी खिलाड़ी की हां में हां मिलाकर कहा है कि डे-नाइट फॉर्मेट से टेस्ट क्रिकेट के लोकप्रियता बढ़ने की कोई गारंटी नहीं है।

मंगलवार को ऑस्ट्रेलियाई उच्चायोग में हरभजन ने पीटीआई से कहा, ‘‘मुझे नहीं लगता कि गुलाबी गेंद के मैच भारत में मैदानों पर काफी दर्शकों को खींचकर लाएंगे। आपको कुछ और करना होगा।”

पंजाब के इस क्रिकेटर ने समस्या का हल भी खुद ही सुझाया और छोटे शहरों में मैच आयोजित करने की बात कही। हरभजन ने आगे कहा, “संभवत: टेस्ट क्रिकेट को छोटे केंद्रों पर ले जाना होगा जहां लोगों ने अपने शीर्ष खिलाड़ियों को खेलते हुए नहीं देखा है।”

केवल डे-नाइट मैच भारत में टेस्ट क्रिकेट को पूरी तरह से नहीं बचा पाएगा: राहुल द्रविड़

उन्होंने कहा, “उदाहरण के लिए मोहाली में नहीं खेला जाए, इसकी जगह मैच अमृतसर में कराया जाए, कोई भी फॉर्मेट हो दर्शक आएंगे। जैसा इंदौर (बांग्लादेश के खिलाफ पहले टेस्ट का वेन्यू) में मैदान भरा हुआ था।’’