Hardik Pandya asked for rest for Test series against Sri Lanka to improve his fitness
हार्दिक पांड्या © AFP

भारतीय ऑलराउंडर खिलाड़ी हार्दिक पांड्या को श्रीलंका के खिलाफ टेस्ट सीरीज से बाहर किए जाने के फैसले को लेकर सभी हैरान हैं। क्रिकेट समीक्षकों के मुताबिक पांड्या जैसे युवा खिलाड़ी को आराम देने का समय नहीं है, उन्हें तो ज्यादा से ज्यादा क्रिकेट खेलना चाहिए। वहीं इस बारे में बड़ा बयान देते हुए पांड्या ने कहा कि उन्होंने खुद इस ब्रेक की मांग की थी। सीएनएन न्यूज-18 को दिए एक बयान में पांड्या ने कहा, “सच कहूं तो, मैने ही इसे ब्रेक के लिए कहा था। मेरा शरीर उतना सही नहीं है। इतना ज्यादा क्रिकेट खेलने की वजह के मैं थकान महसूस कर रहा था। मैं तब क्रिकेट खेलना चाहता हूं, जब मैं पूरी तरह से फिट हूं। जब मैं अपना 100 प्रतिशत दे पाऊं।”

24 साल के इस क्रिकेटर ने आगे कहा, “मैं खुशकिस्मत हूं जो मुझे ब्रेक मिला। इस दौरान मैं जिम में खुद को ट्रेन करूंगा और अपनी फिटनेस पर काम करूंगा। मैं झूठ नहीं बोलूंगा, मैं दक्षिण अफ्रीका दौरे को लेकर काफी उत्साहित हूं। मैं इस ब्रेक का इस्तेमाल अपनी फिटनेस को बेहतर बनाने के लिए करूंगा।” श्रीलंका के खिलाफ घरेलू सीरीज के बाद टीम इंडिया अगले साल जनवरी में दक्षिण अफ्रीका दौरे पर जाएगी। पांड्या इस दौरे को लेकर काफी उत्साहित हैं।

विराट कोहली चाहते थे कि मैं भारतीय टीम का कोच बनूं: वीरेंद्र सहवाग
विराट कोहली चाहते थे कि मैं भारतीय टीम का कोच बनूं: वीरेंद्र सहवाग

इस बारे में बात करते हुए उन्होंने कहा, “हां, मैं इसे लेकर काफी उत्साहित हूं। सभी लोग इस बारे में बात कर रहे हैं, ये काफी चर्चित सीरीज है। मुझे जिंदगी में चुनौतियां पसंद है। जैसा मैने कहा कि मैं टीम को याद कर रहा हूं, क्या पता कि वहां पर मैं कुछ अलग प्रदर्शन करूं। मुझे यकीन है कि हम वहां अच्छा प्रदर्शन करेंगे।” पांड्या आज भी मुंबई इंडियंस को अपनी सफलता का सबसे बड़ा कारण मानते हैं। उन्होंने कहा, “जब मुझे मुंबई इंडियंस में खेलने का मौका, तब से मेरी जिंदगी बदल गई और आज तक मैने पीछे पलटकर नहीं देखा।”

हार्दिक का कहना है उन्होंने अपनी जिंदगी में असफलताओं से काफी कुछ सीखा है। उन्होंने कहा, “मुझे जिंदगी में छोटी असफलताएं मिली और यही कारण है कि मैं और ज्यादा पेशेवर बन गया हूं। आपको ये समझना होगा कई बार चीजें खराब होती हैं। इससे आप जिंदगी में बेहतर बनते हैं।”