hardik pandya reveals the story of how ms dhonis trust helped him to be a good player
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नई दिल्ली: महेंद्र सिंह धोनी की गिनती दुनिया के सर्वश्रेष्ठ कप्तानों में होती है। धोनी ने विराट कोहली, रविंद्र जडेजा, रोहित शर्मा और रविचंद्रन अश्विन जैसे खिलाड़ियों को आगे बढ़ाया। और टीम इंडिया की मजबूती दी। ये खिलाड़ी आज भारतीय टीम का अहम हिस्सा हैं।

इनके अलावा एक और खिलाड़ी जिन्हें महेंद्र सिंह धोनी ने संवारा वह हैं हार्दिक पंड्या। पंड्या की कप्तानी में गुजरात टाइटंस ने साल 2022 का आईपीएल का खिताब जीता। इस हरफनमौला खिलाड़ी ने साल 2016 में धोनी की कप्तानी में ही अपने अंतरराष्ट्रीय करियर का आगाज किया था। पंड्या ने हाल ही में बताया कि पहले ही मैच में उनके भीतर कैसा आत्मविश्वास भर दिया था।

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पंड्या ने बताया कि उन्होंने अपने पहले ही ओवर में 19 रन दे दिए थे। ऐसे में उन्हें लग रहा था कि धोनी शायद उन्हें दोबारा ओवर नहीं देंगे। लेकिन कप्तान ने उन पर भरोसा किया। पंड्या को इसका फायदा हुआ और उन्होंने मैच में तीन ओवरों में दो विकेट लेकर 37 रन दिए।

पंड्या ने बताया, ‘जब मैं भारतीय टीम में आया तो मैंने उन खिलाड़ियों को देखा जिन्हें देखकर मैं बड़ा हुआ था। सुरेश रैना, हरभजन सिंह, युवराज सिंह, महेंद्र सिंह धोनी, विराट कोहली और आशीष नेहरा। मेरे भारत के लिए खेलने से पहले ही वे सितारे थे। मेरे लिए, वहां पहुंचना बहुत बड़ी बात थी।’

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पंड्या ने एसजीटीवी पॉडकास्ट में बताया, ‘तो, स्वाभाविक रूप से मेरा डेब्यू जिस तरह से हुआ वह अच्छा नहीं था। मेरे पहले ओवर में 21 (19) रन पड़े। सही बताऊं तो मुझे लग रहा था कि यही मेरा आखिरी ओवर भी है। लेकिन मैं खुशकिस्मत था कि मैं माही भाई की कप्तानी में खेला जिन्होंने हम पर काफी भरोसा जताया जिसने हमें वहां पहुचंने में मदद की जहां हम आज हैं।’

हार्दिक ने यह भी याद किया कि कैसे महेंद्र सिंह धोनी की एक बात ने उनका आत्मविश्वास बढ़ा दिया था। पंड्या ने सिर्फ तीन मैच खेले थे और धोनी ने उन्हें वर्ल्ड कप टीम में चुने जाने का यकीन दिलाया था।

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पंड्या ने कहा, ‘मेरे अंतरराष्ट्रीय करियर में सिर्फ तीसरे मैच के बाद माही भाई ने मुझे बताया कि मैं उनकी वर्ल्ड कप टीम में हूं। मुझे सिर्फ अपने तीसरे वर्ल्ड कप मैच के बाद पता था कि मैं वर्ल्ड कप खेलूंगा। मैं उस मैच में बल्लेबाजी भी नहीं थी कि लेकिन माही भाई ने मुझे आश्वस्त किया कि मैं अपना हुनर दिखा चुका हूं। जी, यह किसी सपने के सच होने की तरह था।’