hardik pandya story of comeback on the cricket field will inspire you

कटक: भारतीय टीम में वापसी करने से पहले हार्दिक पंड्या (Hardik Pandya) की दिनचर्या काफी अनुशासन भरी रही जिसमें वह रात को साढ़े नौ बजे सो जाते और सुबह पांच बजे उठते जिससे उन्हें खुद के और अन्य चीजों के खिलाफ जंग जीतने में मदद मिली.

इस स्टार ऑलराउंडर ने चार महीनों तक कड़ाई से इस ‘टाइम टेबल’ का पालन किया जिसके बाद उन्होंने गुजरात टाइटन्स (Gujarat Titans) की अगुआई कर टीम को पदार्पण में ही इंडियन प्रीमियर लीग (Indian Premier League) खिताब दिलाने का कमाल कर दिखाया जिसकी बदौलत उनकी भारतीय टीम में वापसी हुई.

भारतीय क्रिकेट बोर्ड (बीसीसीआई) द्वारा पोस्ट किए गए एक वीडियो में पंड्या ने आईपीएल 2022 (IPL 2022) की जीत और इसके बाद मिलने वाले पुरस्कारों के बारे में बात की.

उन्होंने कहा, ‘मैं खुश था. यह काफी कुछ खुद के और काफी अन्य चीजों के खिलाफ जंग जीतने के बारे में था. आईपीएल जीतना और यहां तक कि प्लेऑफ के लिए क्वॉलिफाइ करना भी मेरे लिए बड़ी चीज थी क्योंकि काफी लोगों को हम पर संदेह था. ’

उन्होंने कहा, ‘शुरुआत में ही काफी लोगों ने हमारी काबिलियत पर संदेह किया था. काफी लोगों ने काफी सवाल भी उठाये थे. मेरी वापसी से पहले ही काफी सारी चीजें कही गई थीं.’

इस 29 साल के खिलाड़ी ने कहा कि वह जब टी20 विश्व कप के बाद भारतीय टीम से बाहर थे तो लगातार चार महीनों तक सुबह पांच बजे उठ जाते और रात को साढ़े नौ बजे तक बिस्तर में होते.

उन्होंने कहा, ‘यह उन्हें जवाब देने के लिए कभी नहीं था. मैंने जो प्रक्रिया अपनाई, मुझे उस पर फख्र है. कोई नहीं जानता कि जब मैं बाहर था तो उन छह महीनों में मैं किस दौर से गुजरा. मैं सुबह पांच बजे उठ जाता ताकि मैं ट्रेनिंग कर सकूं. चार महीनों तक मैं रात में साढ़े नौ बजे तक सो जाता, इसलिए काफी बलिदान किए.’

हार्दिक ने कहा, ‘यह एक जंग थी जो मैंने आईपीएल से पहले लड़ी थी. मैंने हमेशा अपनी जिंदगी में कड़ी मेहनत की है और इससे हमेशा मुझे वही नतीजे मिले हैं जो मैं चाहता था.’

उन्होंने यह भी कहा कि साउथ अफ्रीका के खिलाफ चल रही सीरीज आगामी टी20 विश्व कप के लिये लय में आने के लिये आदर्श मंच है.

पंड्या ने कहा, ‘टूर्नामेंट तक पहुंचने तक आप जो भी सीरीज या मैच खेलते हो, वह महत्वपूर्ण है. इसलिये मेरे लिये विश्व कप लक्ष्य है, यह लय में आने के लिये सही मंच है. लय में रहना हमेशा काफी महत्वपूर्ण होता है. ’

हार्दिक ने कहा, ‘मेरी भूमिका यहां बदल जाएगी, मैं कप्तान नहीं हूं, मैं बल्लेबाजी क्रम में ऊपर नहीं खेलूंगा. यह फिर उसी हार्दिक की वापसी होगी जिसके लिये मैं जाना जाता हूं.’

एजेंसी- भाषा