पूर्व भारतीय दिग्गज सुनील गावस्कर (Sunil Gavaskar) का हिसाब हार्दिक पांड्या (Hardik Pandya) इस सीजन में अपनी “सोचने की टोपी” पहनकर उतरे हैं, जिन्हें लगता है कि गुजरात टाइटंस (Gujrat Titans) के कप्तान अनुशासन के साथ बल्लेबाजी कर रहे हैं और फील्ड प्लेसमेंट का अच्छा उपयोग कर रहे हैं.

स्टार ऑलराउंडर ने आगे से गुजरात टाइटंस का नेतृत्व किया है, कई मौकों पर टीम को अपनी जिम्मेदार पारियों से बचाया है. केवल बल्ले ही नहीं, भारतीय ऑलराउंडर ने गेंद के साथ भी योगदान दिया है और टाइटन्स के अटैक का अहम हिस्सा रहे हैं.

पांड्या ने 2019 में अपनी पीठ की सर्जरी के बाद अपने गेंदबाजी का वर्कलोड मैनेज करने के लिए संघर्ष किया था. भारत के लिए उनका आखिरी मैच पिछले साल 8 नवंबर को दुबई में टी 20 विश्व कप में नामीबिया के खिलाफ था.

गावस्कर ने ‘स्टार स्पोर्ट्स’ से कहा, “उन्होंने आईपीएल से पहले बहुत ज्यादा क्रिकेट नहीं खेला क्योंकि वो चोट के कारण होने वाली सभी समस्याओं से पूरी तरह से फिट होने की कोशिश कर रहे थे.”

उन्होंने कहा, “(अब) वो अपनी बल्लेबाजी में जो अनुशासन दिखा रहा है, उसे देखें. वो पावरप्ले में अच्छी बल्लेबाजी कर रहा है और मैदानी प्रतिबंधों का पूरा फायदा उठा रहा है, वो मैदान में बहुत अच्छा कर रहा है. तो मूल रूप से, सोचने की सीमा चालू है, और एक बार ऐसा होने पर आपका खेल बढ़ जाता है.”

भारत के पूर्व बल्लेबाज आकाश चोपड़ा ने कहा कि पांड्या ने अपने ‘गुरु’ महेंद्र सिंह धोनी से सही सबक सीखा है. चोपड़ा ने कहा, “मुझे लगता है कि हार्दिक स्पष्ट रूप से उन्हें (एमएस धोनी) अपने गुरु के रूप में मानते हैं, वो एमएस के बहुत करीब हैं. वो जिस नंबर पर बल्लेबाजी करते हैं और जो भूमिका निभाते हैं, उसे सीमित ओवर क्रिकेट के इतिहास में धोनी से बेहतर किसी ने नहीं निभाई है.”

उन्होंने कहा, “उन्होंने एमएस से सही सबक सीखा है. जब हम महानता की संगति में होते हैं, तो हम कोशिश करते हैं और उनसे कुछ कुछ सीखते हैं और ये हमारे जीवन को आकार देता है. और यही हम हार्दिक के साथ देख रहे हैं.”