हरमनप्रीत कौर © Getty Images (file photo)
हरमनप्रीत कौर © Getty Images (file photo)

महिला विश्व कप 2017 में अपनी धमाकेदार बल्लेबाजी से सबको मुरीद बनाने वाली हरमनप्रीत कौर ने खुलासा किया है कि पूरे टूर्नामेंट में वह चोटिल होने के बावजूद खेलीं। हरमनप्रीत कौर ने सेमीफाइनल में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ अपने दूसरे हाथ का कम सहारा लेते हुए बल्लेबाजी की और 171* रन ठोंक दिए। हरमनप्रीत कौर को टूर्नामेंट के दूसरे मैच में उनके बाएं हाथ की अंगुली में चोट लग गई थी। उन्होंने बताया कि वह सेमीफाइनल और फाइनल में अंगुली में क्लैंप लगाकर उतरीं। इस चोट के कारण उन्होंने अपने बाएं कंधे को खींचा, क्योंकि ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ मैच के दौरान काफी दबाव बढ़ रहा था और वह उस दबाव को करारा शॉट जमाकर कम कर रही थीं।

टाइम्स ऑफ इंडिया के साथ एक इंटरव्यू में हरमनप्रीत ने कहा, “मैं लगभग पूरा टूर्नामेंट अंगुली में चोट के साथ खेली। जो मुझे वेस्टइंडीज के खिलाफ दूसरे लीग मैच के दौरान लग गई थी। मुझे यह चोट फील्डिंग के दौरान लगी थी। फिजियो ने मुझे आराम करने को कहा था लेकिन मैं वापस गई और दो विकेट लिए। अच्छी बात यह रही कि मुझे उस मैच में बैटिंग नहीं करनी पड़ी।”

हरमनप्रीत के पिता हरमंदर भुल्लर ने कहा, “हरमनप्रीत की अंगुली मुड़ गई थी इसलिए उसे सीधा रखने के लिए डॉक्टरों ने उसमें एक क्लैंप लगा दिया था ताकि अंगुली सीधी रहे।” इसके बारे में विस्तार से बातचीत करते हुए हरमन ने कहा, “मैंने उसके ऊपर बैटिंग ग्लव्स पहने। उससे दर्द हो रहा था, लेकिन मैं इस दर्द को पीछे छोड़ते हुए अपने देश के लिए अच्छा प्रदर्शन करना चाहती थी। एक समय मुझे लगा था कि मुझे वर्ल्ड कप से वापस लौटना पड़ेगा। पूरे टूर्नामेंट में मैं खेली इसका श्रेय मैं फिजियो ट्रेसी फर्नांडीज को देना चाहूंगी जिन्होंने मेरी मदद की और मैं पूरा टूर्नामेंट खेल सकी।”

हरमंदर ने कहा कि अगर उनकी बेटी एक पैर से भी खेलने का फैसला लेती तब भी उन्होंने एक भी बार भी मना नहीं किया होता। उन्होंने कहा, “दाहिने हाथ का बल्लेबाज अपनी ताकत दाहिने हाथ से लगाता है वहीं बायां हाथ गेंद को दिशा देता है। अंगुली में चोट लगे होने का मतलब है कि उसे बैट को पकड़ने में समस्या हो रही थी। एक लिहाज से वह एक हाथ से बैटिंग कर रही थी।”