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कोलकाता टेस्ट में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ हैट्रिक मेरे करियर का टर्निंग प्वाइंट था: हरभजन सिंह
भारतीय स्पिनर हरभजन सिंह ने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 2001 के कोलकाता टेस्ट में हैट्रिक दर्ज की थी।
Published On Dec 12, 2020, 10:14 AM IST
Last UpdatedDec 12, 2020, 10:14 AM IST
भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच कुछ ही दिनों में शुरू होने जा रही टेस्ट सीरीज से पहले हम इन दो देशों के बीच के शानदार क्रिकेट इतिहास के खास पलों को याद करेंगे। इन्हीं में से एक है साल 2001 का कोलकता टेस्ट, जहां ना केवल भारतीय बल्लेबाजों वीवीएस लक्ष्मण (VVS Laxman) और राहुल द्रविड़ (Rahul Dravid) ने दम दिखाया बल्कि स्पिन गेंदबाज हरभजन सिंह (Harbhajan Singh) ने भी हैट्रिक लगाकर भारत को ऐतिहासिक जीत दिलाई।
ईडन गार्डन्स स्टेडियम में खेले गए टेस्ट मैच में हरभजन केवल 20 साल के थे और ऑस्ट्रेलिया की पहली पारी में उन्होंने तीन गेंदों पर लगातार तीन लेकर विश्व रिकॉर्ड बनाया था।
आईएएनएस से बातचीत में उस मैच के बारे में हरभजन ने कहा, “मेरे जीवन में वो काफी अहम पल था। उस हैट्रिक ने मुझे काफी पहचान दी, काफी भरोसा दिया कि मैं ये कर सकता हूं। मुझे लगा कि, अगर मैं इन खिलाड़ियों के खिलाफ कर सकता हूं तो मैं किसी भी टीम के खिलाफ अच्छा कर सकता हूं।”
उन्होंने कहा, “ये मेरे लिए बेहद जरूरी था क्योंकि जैसा मैंने कहा कि इसने मुझे काफी पहचान दिलाई और लोग मुझ पर अचानक से भरोसा करने लगे। उन्हें लगा कि ये लड़का कर सकता है। वो सीरीज और हैट्रिक मेरे जीवन का टर्निंग प्वाइंट साबित हुई।”
हरभजन ने कहा, “ईमानदारी से कहूं तो मैंने हैट्रिक के बारे में ज्यादा कुछ नहीं सोचा था। मैं अपनी सर्वश्रेष्ठ गेंदबाजी करना चाहता था। उस समय डीआरएस नहीं हुआ करता था और अगर आप जानबूझकर गेंद को पैड से खेलते हैं तो एलबीडब्ल्यू आउट नहीं दिया जाता था। अगर गेंद टर्न करती थी तो कई सारे बल्लेबाज अपने पैड से गेंद को खेलते थे। बल्लेबाज कैचिंग फील्डर से बचने के लिए बल्ले के बजाए पैड से गेंद को खेलते थे। हमारी रणनीति थी कि मैं फुल लैंग्थ पर गेंदबाजी करूंगा।”
उस हैट्रिक के दौरान हरभजन ने रिकी पॉन्टिंग, एडम गिलक्रिस्ट और शेन वार्न को आउट दिया था। इसी के साथ हरभजन टेस्ट में भारत की ओर से हैट्रिक लेने वाले पहले और अकेले स्पिन गेंदबाज हैं। उनके अलावा तेज गेंदबाजों इरफान पठान और जसप्रीत बुमराह ये उपलब्धि हासिल कर चुके हैं।