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कई क्रिकेटरों ने भारतीय कप्तान विराट कोहली के आक्रामक क्रिकेट खेलने के तरीके को सराहा है। कोहली की कप्तानी में टीम इंडिया मौजूदा समय में टेस्ट में नंबर 1 है वहीं वनडे में लगातार 1 और 2 पायदान के बीच टीम इंडिया झूलती रहती है। जबसे कोहली टीम इंडिया के कप्तान बने हैं, टीम की जीतने की भूख कई गुना बढ़ गई है। हाल ही में न्यूजीलैंड को वनडे सीरीज में 2-1 से हराने के साथ टीम इंडिया ने लगातार सातवीं सीरीज जीती। इस तरह से कोहली ने एक बार फिर से जता दिया है कि वह टीम इंडिया को दुनिया की सर्वश्रेष्ठ टीम बनाने को लेकर कितने बेकरार हैं।

साल 2008 आईपीएल से ही राहुल द्रविड़ विराट कोहली के कप्तान रहे हैं। द्रविड़ और कोहली किस तरह से अपनी योजनाओं का लागू करते हैं इसको लेकर दोनों का अंदाज अलग है। द्रविड़ सीरीज जीतने के दौरान या मैदान पर कभी आक्रामक दिखाई नहीं दिए क्योंकि वह शांतचित्त रहते हुए अपने खेल पर ही ध्यान लगाते हैं लेकिन इसके बावजूद द्रविड़ उन खिलाड़ियों में शामिल हो गए हैं जो कोहली की मैदान पर आक्रामकता की तारीफ करते हैं। वैसे द्रविड़ ने ये भी कहा कि मैच में अच्छा प्रदर्शन करना होता है सिर्फ आक्रामकता से काम नहीं चलता।

वैसे द्रविड़ को इस बात का डर है कि युवा खिलाड़ी भारतीय कप्तान से सभी गलत कारणों के चलते प्रेरित होंगे। उनका मानना है कि युवाओं को कोहली की फिटनेस से सीखना चाहिए और उनके प्रदर्शन से प्रेरणा लेनी चाहिए। बैंगलोर में एक लिटरेचर फेस्टिवल में द्रविड़ ने विजडन से बातचीत में तमाम तरह की बातें की।

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उन्होंने कहा, “ये ऑस्ट्रेलिया सीरीज के पहले की बात है, जब विराट खासी आक्रामक बातें करते थे। मैं अखबार में ये बातें पढ़ता था और कभी कभार उनके इस रवैए से खिन्न भी हो जाता था। लेकिन अब जब मैं उन दिनों के बारे में सोचता हूं तो एहसास होता है कि वह इसलिए वो सब करते थे क्योंकि उससे उन्हें सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने में मदद मिलती थी। वैसे वो चीज हर कोई नहीं कर सकता। लेकिन आखिरकार उन्हें वही करना होता है जिससे वह अपना सर्वश्रेष्ठ दे पाएं। इसलिए अगर वह आक्रामकता दिखाते हुए बढ़िया प्रदर्शन करते हैं तो इसमें कोई समस्या नहीं है।”

वैसे द्रविड़ ने इसके साथ चिंता भी जाहिर की और कहा, “जो चीज मुझे चिंतित कर रही है वो ये है कि इस बात को जूनियर क्रिकेटर गलत तरीके से न लें। यह मेरे लिए एक डराने वाली चीज है। 12, 13, 14 साल के बच्चे अगला विराट कोहली बनना चाहते हैं, शायद वे ये न जानते हों कि ये करना ठीक नहीं है।”