फरवरी में बांग्लादेश से भिड़गी भारतीय टीम। © AFP
फरवरी में बांग्लादेश से भिड़गी भारतीय टीम। © AFP

भारतीय टीम साल की शुरुआत इंग्लैंड के खिलाफ वनडे सीरीज से करने वाली है। तीन-तीन मैचों की वनडे और टी20 सीरीज के बाद भारतीय टीम एक बार फिर से टेस्ट की सफेद जर्सी में नज़र आएगी। टीम इंडिया अपने पड़ोसी बांग्लादेश के साथ एक टेस्ट मैच खेलेगी जिसका आयोजन 8 फरवरी से 12 फरवरी तक हैदराबाद के राजीव गांधी अंतर्राष्ट्रीय स्टेडियम में किया जाना था। इस मैच को दूरजॉय-गांगुली ट्रॉफी नाम दिया गया है। दोनों ही देशों में क्रिकेट को लेकर बहुत अधिक उत्साह है और इस वजह से इस मैच का रोमांच काफी बढ़ गया है लेकिन अब मैच के आयोजन को लेकर परेशानी खड़ी हो गई है। ये भी पढ़ें:विराट कोहली की कप्तानी में खेलने को उत्साहित हैं युवराज सिंह

भारत और बांग्लादेश के बीच होने वाले इस मैच को आयोजित करने के लिए हैदराबाद क्रिकेट एसोसिएशन के पास फंड्स की कमी है। माना जा रहा है कि अब मैच को हैदराबाद की जगह कोलकाता के प्रसिद्ध ईडन गार्डन में आयोजित किया जाएगा। उप्पल में स्थित इस स्टेडियम में अब तक केवल तीन टेस्ट मैच खेले गए हैं। पहला टेस्ट 12 नवंबर 2010 में भारत और न्यूजीलैंड के बीच खेला गया था। इस मैच का कोई नतीजा नहीं निकला था और मैच ड्रॉ रहा था। वहीं अगले टेस्ट के लिए इस स्टेडियम को दो साल का इंतजार करना पड़ा। दूसरा टेस्ट भी भारत बनाम न्यूजीलैंड ही था जिसमें मेजबान टीम ने एक पारी और 115 रनों से शानदार जीत हासिल की। हैदराबाद स्टेडियम में आखिरी मैच 2013 में भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच खेला गया था। इस टेस्ट में भी जीत टीम इंडिया की ही हुई थी। भारत ने इस मैच में एक पारी और 135 रनों से जीत दर्ज की थी। ये भी पढ़ें:”कप्तानी छोड़ने के लिए महेंद्र सिंह धोनी पर दबाव नहीं डाला गया”: एमएसके प्रसाद

हालांकि इस स्टेडियम में कम ही मैच खेले गए हैं लेकिन यह भारत के लिए भाग्यशाली रहा है। पिछले काफी समय से मैच के वेन्यू कई बार बदले जा चुके हैं। वहीं बीसीसीआई भी इस समय सुप्रीम कोर्ट के साथ विवाद में फंसा हुआ है। लोढ़ा समिति की सिफारिशों को लागू करने को लेकर बोर्ड ने कोर्ट के आगे अपने इरादे अब तक साफ नहीं किए हैं।