मैं रिषभ पंत से प्रभावित हूं क्योंकि मुझे लगता है कि वो मैचविनर है: BCCI अध्यक्ष सौरव गांगुली

पूर्व भारतीय कप्तान सौरव गांगुली ने जसप्रीत बुमराह, मोहम्मद शमी और शार्दुल ठाकुर की भी तारीफ की।

Edited By : India.com Staff |Apr 03, 2021, 04:33 PM IST

Published On Apr 03, 2021, 04:33 PM IST

Last UpdatedApr 03, 2021, 04:33 PM IST

भारतीय क्रिकेट बोर्ड के अध्यक्ष और पूर्व भारतीय कप्तान सौरव गांगुली (Sourav Ganguly) ने कहा कि रिषभ पंत (Rishabh Pant) ‘एक मैच विजेता खिलाड़ी है’। पूर्व दिग्गज का कहना है कि वो इस युवा विकेटकीपर बल्लेबाज के प्रदर्शन से काफी प्रभावित हैं।

गांगुली ने ऑनलाइन ‘ट्यूटोरियल ऐप क्लासप्लस’ द्वारा आयोजित एक सेशन के दौरान कहा, ‘‘मैं रिषभ पंत से प्रभावित हूं क्योंकि मुझे लगता है कि वो मैचविनर है। जसप्रीत बुमराह और मोहम्मद शमी शानदार हैं। मुझे शार्दुल ठाकुर बहुत पसंद हैं क्योंकि उसमें हिम्मत और जूझारूपन है।’’

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उन्होंने कहा, ‘‘(देश में) कुछ शानदार खिलाड़ी हैं और बोर्ड के अध्यक्ष के रूप में मुझे नहीं लगता कि मुझे बताना चाहिए कि मेरा पसंदीदा खिलाड़ी कौन है। मेरे लिए सभी पसंदीदा हैं लेकिन मैं कोहली के खेल का लुत्फ उठाता हूं, मैं रोहित शर्मा के खेल का आनंद लेता हूं।’’

गांगुली ने कहा, ‘‘भारत में क्रिकेट में अपार प्रतिभा है। जब (सुनील) गावस्कर थे, तो लोग सोचते थे कि उनके बाद क्या होगा, तब सचिन (तेंदुलकर), (राहुल) द्रविड़, अनिल कुंबले आए थे। जब तेंदुलकर, द्रविड़ खेल को अलविदा कहा तो विराट कोहली, रोहित शर्मा और रिषभ पंत जैसे खिलाड़ियों ने टीम को संभाला।’’

गांगुली को पहली बार भारतीय टीम में ऑस्ट्रेलिया के 1992 के दौरे के लिए चुना गया था लेकिन तब उन्हें ज्यादा मौका नहीं मिला था। उन्होंने कहा कि ऑस्ट्रेलिया के उस दौरे को याद करते हुए कहा कि वहां का अनुभव और उसके बाद की कड़ी मेहनत ने उन्हें बेहतर क्रिकेटर बनाया। उन्होंने कहा, ‘‘मैं खुद के लिए 1992 की श्रृंखला को असफल मानता हूं। सच कहूं तो मुझे खेलने के ज्यादा मौके नहीं मिले और मैं ऑस्ट्रेलिया के दौरे से वापस आया, लेकिन मैं युवा था। उस (सीरीज) ने वास्तव में मुझे एक बेहतर क्रिकेटर बनने में मदद की।’’

उन्होंने कहा, ‘‘मैं मानसिक रूप से मजबूत होकर वापस आया। मैं उस समय उतना फिट नहीं था, मैं समझ गया था कि अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट क्या है। मैंने न केवल शारीरिक रूप से बल्कि मानसिक रूप से भी दबाव को संभालने के लिए तीन-चार साल के लिए खुद को प्रशिक्षित करना शुरू कर दिया।’’

इस पूर्व दिग्गज ने कहा, ‘‘ऑस्ट्रेलिया दौरे की 1992 की श्रृंखला ने वास्तव में मुझे एक बेहतर क्रिकेटर बनने में मदद की। जब मैं 1996 में इंग्लैंड गया, तो मैं बहुत मजबूत था। मुझे पता था कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर रन बनाने के लिए क्या करना होता है।’’

सीने में दर्द की शिकायत के बाद जनवरी में कोलकाता के एक अस्पताल में एंजियोप्लास्टी के दो दौर से गुजरने वाले गांगुली ने कहा कि वह अब स्वस्थ हैं। उन्होंने कहा, ‘‘मैं बिल्कुल फिट और स्वस्थ हूं और काम पर वापस लौट आया हूं। मैं पहले जो काम करता था अब फिर से वो सब कर रहा हूं।’’

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