गौतम ने खोला राज, मैदान पर इस बात की चिंता में आते थे 'गंभीर' लुक में नजर

गौतम गंभीर विश्‍व कप 2011 जीत के नायक के तौर पर फैन्‍स के बीच जाने जाते हैं।

Edited By : Cricket Country Staff |Jan 13, 2019, 05:17 PM IST

Published On Jan 13, 2019, 05:17 PM IST

Last UpdatedJan 13, 2019, 05:17 PM IST

Gautam Gambhir © Getty Images

Gautam Gambhir (File Photo) © Getty Images

भारतीय टीम के पूर्व सलामी बल्‍लेबाज गौतम गंभीर ने लंबे समय तक टीम इंडिया में अपनी सेवाएं दी हैैं। इस दौरान वो मैदान पर कभी हंसते हुए नजर नहीं आए। गंभीर से इस बारे में कई बार सवाल किए गए, लेकिन उन्‍होंने हमेशा ही इसका जवाब देने से दूरी बनाए रखी। गौतम ने पहली बार चेहरे पर हंसी नहीं आने और मैदान पर गंभीर मुद्रा में रहने का राज खोला। द क्विंट को दिए इंटरव्‍यू में गौतम ने बताया कि टीम से निकाले जाने की चिंता के कारण वो मैदान में इंज्‍वाय नहीं कर पाते थे।

गौतम गंभीर ने कहा, “टी-20 विश्‍वकप 2007, विश्‍व कप 2011, ऑस्‍ट्रेलिया के खिलाफ सीबी सीरीज मेरे करियर का सबसे शानदार समय रहा है। उस वक्‍त मैंने और टीम के साथी खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन किया। ये वो वक्‍त था जब मैं खुद को टीम में सबसे ज्‍यादा सुरक्षित महसूस करता था। हम नंबर-1 टेस्‍ट टीम थे।”

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गौतम ने कहा, “सुरक्षित शब्‍द का इस्‍तेमाल मैं इसलिए कर रहा हूं कि क्‍योंकि मेरे करियर में हमेशा से ही संदेह बना रहा है कि अगर मैं रन नहीं बनाऊंगा तो टीम से ड्रॉप हो जाऊंगा। ऐसे में हर वक्‍त मैं पूरी तरह से तैयार रहता था। मैं किसी भी वक्‍त रिलेक्‍स होकर नहीं खेल सकता था। शायद यही कारण है कि मैं मैच के दौरान इतना इंज्‍वाय नहीं कर पाया, मैंने मैदान पर कभी मस्‍ती नहीं की या यूं कहें कि मैच के दौरान मैं कभी मुस्‍कुराता हुआ नजर नहीं आया।”

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कुंबले कप्‍तान से ज्‍यादा मेरे लिए हैं लीडर

गौतम गंभीर ने पूर्व स्पिनर अनिल कुंबले की कप्‍तानी की भी जमकर तारीफ की। उन्‍होंने कहा, “अनिल कुंबले कप्‍तान नहीं हैं वो लीडर हैं। मैंने उनकेे नेतृत्‍व में केवल पांच टेस्‍ट मैच खेले हैं। उनके अंदर खेलकर मैंने लीडर बनने की क्‍वालिटी सीखी। मेरे अंदर कप्‍तानी की काबिलियत उनसे आई हैं। वो टीम इंडिया में मेरे लिए अबतक के सबसे अच्‍छे रोल मॉडल हैं।

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