'एक समय ऐसा था जब मै बिलकुल भी क्रिकेट नहीं खेलना चाहता था', मिशेल स्टार्क ने मुश्किल दौर को याद किया

मिशेल स्टार्क पैट कमिंस, मिशेल जॉनसन, ब्रेट ली और ग्लेन मैकग्रा के बाद एलेन बॉर्डर पुरस्कार जीतने वाले पांचवें तेज गेंदबाज हैं।

Edited By : India.com Staff |Jan 29, 2022, 03:37 PM IST

Published On Jan 29, 2022, 03:37 PM IST

Last UpdatedJan 29, 2022, 03:37 PM IST

शनिवार को क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया समारोह के दौरान एलेन बॉर्डर मेडल जीतने के बाद तेज गेंदबाज मिशेल स्टार्क (Mitchell Starc) ने अपने करियर के सबसे मुश्किल दौर को याद करते हुए खुलासा किया कि एक समय ऐसी स्थिति में थे कि वो खेल को छोड़ने की कगार पर पहुंच गए थे।

स्टार्क जिस काबिलियत के तेज गेंदबाज हैं, उसके हिसाब से वो उम्मीदों के अनुरूप विकेट नहीं ले पा रहे थे। वो मैदान पर काफी रन भी लुटा रहे थे। वहीं मैदान के बाहर उनके पिता भी कैंसर से जूझ रहे थे।

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फिर भी स्टार्क 2020-21 टेस्ट सीरीज में भारत के खिलाफ लचर प्रदर्शन के बावजूद क्रिकेट में बने रहने में सफल रहे। हालांकि इसके बाद कैंसर के कारण अपने पिता को गंवा दिया।

स्टार्क ने एलेन बॉर्डर पुरस्कार हासिल करने के बाद ‘फॉक्सस्पोर्ट्स डॉट कॉम डॉट एयू’ से कहा, ‘‘निश्चित रूप से पिछला साल मैदान के अंदर और बाहर बहुत ही मुश्किल रहा। मैं शायद उस तरह का क्रिकेट नहीं खेल रहा था जो मैं खेलना चाहता था और एक समय ऐसा भी था जब मैं शायद बिलकुल भी क्रिकेट नहीं खेलना चाहता था। ’’

एशेज सीरीज में इंग्लैंड पर 4-0 की जीत के दौरान स्टार्क टीम के लिए शानदार प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों में से एक रहे। स्टार्क सभी पांचों एशेज टेस्ट खेले और उन्होंने 19 विकेट झटके।

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